दिल्ली में एनसीईआरटी की नकली किताबों का गोदाम पकड़ा, 5011 कॉपियां जब्त, मालिक गिरफ्तार

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली, क्राइम ब्रांच की एंटी रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल की टीम ने दिल्ली के शाहबाद दौलतपुर गांव में छापा मारकर एनसीईआरटी की नकली किताबों का एक बड़ा गोदाम पकड़ा है। पुलिस ने मौके से कक्षा 1 से 12 तक की कुल 5011 नकली किताबें बरामद कर जब्त की हैं और गोदाम के मालिक अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, टीम को 12 मार्च 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि शाहबाद दौलतपुर गांव में स्थित एक गोदाम में एनसीईआरटी की बड़ी संख्या में नकली किताबें जमा की गई हैं और वहीं से उनकी बिक्री की जा रही है। सूचना मिलने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। यह टीम इंस्पेक्टर मंगेश त्यागी और रॉबिन त्यागी के मार्गदर्शन तथा एसीपी संजय कुमार नागपाल की देखरेख में काम कर रही थी।

इसके बाद टीम ने बताए गए स्थान पर छापा मारा। गोदाम में बड़ी संख्या में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की एनसीईआरटी की किताबें मिलीं। मौके पर एनसीईआरटी के अधिकारियों को भी बुलाया गया, जिन्होंने जांच के बाद पुष्टि की कि गोदाम में रखी किताबें नकली थीं। इसके बाद पुलिस ने गोदाम के मालिक अरविंद कुमार को वहीं से गिरफ्तार कर लिया और कक्षा 1 से 12 तक की कुल 5011 नकली किताबें जब्त कर लीं।

इस मामले में क्राइम ब्रांच थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 336(3) और 340(2) के साथ-साथ कॉपीराइट एक्ट 1954 की धारा 63 और 65 तथा ट्रेडमार्क एक्ट की धारा 103 और 104 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

जांच में सामने आया है कि आरोपी अरविंद कुमार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और वर्ष 2003 में दिल्ली आ गया था, क्योंकि उसके पिता यहां अखबार बेचने का काम करते थे। उसने दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की और इग्नू से एमए किया। बाद में उसने कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने वर्ष 2022 से एनसीईआरटी की नकली किताबों का कारोबार शुरू कर दिया। उसके पिता फिलहाल दिल्ली के मधुबन चौक इलाके में स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं।

पुलिस के अनुसार अरविंद कुमार पहले भी ऐसे मामलों में शामिल रह चुका है। उसके खिलाफ वर्ष 2020 में नॉर्थ रोहिणी थाने में कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा वर्ष 2025 में समायपुर बादली थाने में भी कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 65 के तहत एक और मामला दर्ज किया गया था।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली एनसीईआरटी किताबों को छापने, जमा करने और बाजार में बेचने के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Share This Article
शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Leave a Comment