पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटने पर गिरिराज सिंह बोले, जनता के लिए समर्पित है केंद्र सरकार

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली, LIVE 7 TV- केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए की कटौती किए जाने के बाद इस फैसले को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार संवेदनशील सरकार है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और उनकी कार्यशैली का यही मूल है।

गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की स्थिति का जिक्र करते हुए विपक्षी सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल समेत गैर-एनडीए सरकारें ऐसे कठिन समय में भी जनता का साथ देने में असफल रही हैं।

इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग,’ राहुल और उनकी टीम देश में गलत जानकारी फैला रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि भारत ईंधन आयात करता है और यह पूरी व्यवस्था प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभाली जा रही है।

गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है और कई दिनों तक सप्लाई को लेकर कोई समस्या नहीं है।

वहीं, तेलुगुदेशम पार्टी के सांसद कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने भी सरकार के इस कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने संसद के दोनों सदनों में साफ कहा है कि सरकार जनता के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी और सही तरीके से काम करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों के अनुरूप आगे बढ़ रही है और यह फैसला भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में आए उछाल के प्रभाव को सीमित करना है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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