झारखंड में कड़ाके की ठंड का कहर, शीतलहर और घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी

Shashi Bhushan Kumar

झारखंड इन दिनों भीषण ठंड और शीतलहर की चपेट में है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को उत्तर-पश्चिमी और मध्य झारखंड में शीतलहर की स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग ने खराब मौसम की आशंका को देखते हुए सोमवार के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग और गुमला जिलों के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट का अनुमान है। गुमला और लातेहार में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे सुबह और रात में कड़ाके की ठंड महसूस होगी।

उत्तर-पश्चिम से चल रही ठंडी हवाओं के कारण खुले क्षेत्रों में ठिठुरन और बढ़ने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही राज्य के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़, दुमका, देवघर, गिरिडीह और पलामू प्रमंडल के जिलों में दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर तक रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने, कम गति से वाहन चलाने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। पिछले 24 घंटों में राज्य का मौसम शुष्क रहा। इस दौरान चाईबासा में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लातेहार में न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 10.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें गिरावट की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 6 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं, हालांकि फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद कम है। दक्षिणी झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिलों में ठंड का प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से ठंड से बचाव के इंतजाम करने, बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने और किसानों को पाले से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।

Share This Article
Digital Head,Live-7, Committed to impactful journalism, Shashi Bhushan Kumar continues to bring meaningful narratives to the public with diligence and passion. Active Journalist since 2012.
Leave a Comment