नई दिल्ली: Microsoft के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) प्रमुख Mustafa Suleyman ने कहा है कि आने वाले 12 से 18 महीनों में कंप्यूटर आधारित ज्यादातर ऑफिस कार्य एआई सिस्टम द्वारा किए जा सकेंगे। उनका मानना है कि व्हाइट-कॉलर श्रेणी की कई भूमिकाएं तेजी से स्वचालित होने की ओर बढ़ रही हैं।
एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि कंपनी “प्रोफेशनल-ग्रेड एजीआई” विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इस तरह का एआई सिस्टम वकील, अकाउंटेंट, प्रोजेक्ट मैनेजर और मार्केटिंग पेशेवरों जैसे कार्यक्षेत्रों में बड़ी संख्या में जिम्मेदारियां संभाल सकता है। उनका कहना है कि एआई अब केवल कार्यक्षमता बढ़ाने का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि कई दोहराव वाले कामों को पूरी तरह अपने हाथ में ले सकता है।
ब्रिटिश अखबार Financial Times को दिए इंटरव्यू में सुलेमान ने संकेत दिया कि कंप्यूटर आधारित पेशेवर कार्यों का बड़ा हिस्सा निकट भविष्य में स्वचालित हो सकता है। इससे कंपनियों के संचालन मॉडल और कार्यबल संरचना पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे एआई समाधान तैयार करना है जो नियमित और दोहराए जाने वाले कार्यों को स्वतः पूरा कर सकें, जिससे संगठनों की कार्यकुशलता बढ़े। साथ ही, कंपनी अपने स्वयं के एआई मॉडल विकसित करने पर भी अधिक ध्यान दे रही है ताकि उसे OpenAI पर निर्भरता कम करनी पड़े।
सुलेमान के अनुसार, भविष्य में एआई मॉडल तैयार करना उतना ही सरल हो सकता है जितना आज ब्लॉग या पॉडकास्ट बनाना। इससे संस्थान और व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं के अनुसार कस्टम एआई सिस्टम विकसित कर सकेंगे।
इस बीच, अमेरिकी टेक कंपनियों में पुनर्गठन की खबरें भी सामने आई हैं। Oracle अपने एआई डेटा सेंटर विस्तार के तहत बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की योजना पर विचार कर रही है। वहीं Amazon ने भी अपने एआई निवेश कार्यक्रम के तहत कर्मचारियों में कटौती की घोषणा की है।
PwC India की एक रिपोर्ट के अनुसार, एआई वर्ष 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में लगभग 550 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है। कृषि, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में इसका प्रभाव विशेष रूप से देखने को मिल सकता है।
भारत सरकार ने 2024 में 1.2 अरब डॉलर के आवंटन के साथ India AI Mission की शुरुआत की थी। इस पहल का उद्देश्य देश में कंप्यूटिंग संसाधनों, डेटा और एआई प्रशिक्षण को व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराना है।

