हजारीबाग नरबलि कांड में राजनीति गरमाई, जेएमएम-भाजपा ने लगाए आरोप-प्रत्यारोप

Shashi Bhushan Kumar

झारखंड के हजारीबाग के विष्णुगढ़ में मां द्वारा अपनी बेटी की बलि देने पर जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने भाजपा और कांग्रेस की आलोचना करते हुए राज्य सरकार के कानून व्यवस्था और राजस्व संग्रह प्रदर्शन का बचाव किया। वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस घटना को वीभत्स बताया और भाजपा कार्यकर्ताओं के शामिल होने के आरोप का पूरी तरह से खंडन किया।

जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, “विष्णुगढ़ नरबलि कांड में भाजपा का सक्रिय कार्यकर्ता पकड़ा गया है। हमेशा सांसद और प्रदेश अध्यक्ष के आसपास आरोपी दिखाई देता था। अपराधी भीमराम ने विरोध में जो भाजपा द्वारा बंदी की गई थी, उसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था। व्यभिचारियों का जमावड़ा भाजपा में है।” भाजपा द्वारा आरोपी को सक्रिय कार्यकर्ता न बताने पर मनोज पांडेय ने कहा कि वे झूठ बोल रहे हैं। सोशल मीडिया पर मौजूद तस्वीरें हकीकत बयां कर रही हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में अपराधी बच नहीं पाएंगे।

वहीं, भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा, “हजारीबाग के विष्णुगढ़ में जो कुछ हुआ, वह अकल्पनीय है। एक डायन-स्वरूपी मां ने अपनी बेटी की बलि बीमार बेटे को ठीक होने के लिए तांत्रिक के कहने पर दे दी। बेटी के सिर को उसकी मां के सहयोगी कुचल देते हैं और उसके खून को मंदिर में चढ़ाया जाता है। इतना वीभत्स नरबलि हाल के वर्षों में हमने नहीं देखा। इस कांड में सभी आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। इस हत्याकांड में शामिल जिस व्यक्ति को विपक्ष भाजपा कार्यकर्ता बता रहा है, वह कभी सक्रिय कार्यकर्ता और कोई पदाधिकारी नहीं रहा है। भाजपा नेताओं के अपराधी की तस्वीरें मात्र एक संयोग है। इस तरह नेताओं के साथ आम लोगों की फोटो खिंचवाना आम बात है।

विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पूर्व 13 वर्षीय बच्ची की नृशंस हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। तांत्रिक क्रिया के दौरान बच्ची की बलि दी गई थी और इस साजिश में उसकी मां भी शामिल थी। इस मामले में हजारीबाग पुलिस ने मृतका की मां रेशमी देवी, महिला तांत्रिक (भगतिनी) शांति देवी और उसके सहयोगी भीम राम को गिरफ्तार किया है।

हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन के अनुसार, बच्ची की मां रेशमी देवी अपने बेटे की शारीरिक और मानसिक बीमारी को लेकर परेशान थी। पिछले करीब एक साल से गांव की महिला, तांत्रिक शांति देवी उर्फ भगतिनी के संपर्क में थी। तांत्रिक ने उसे विश्वास दिलाया कि बेटे के ठीक होने के लिए ‘कुंवारी कन्या’ की बलि आवश्यक है। इसी अंधविश्वास के चलते उसने 24 मार्च को अपनी बेटी की बलि चढ़ा दी थी।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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