नई दिल्ली:रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) से जुड़े बहुचर्चित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अहम कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व निदेशक पुनीत गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
ईडी की स्पेशल टास्क फोर्स के मुताबिक, मामला आरकॉम और उससे संबंधित ग्रुप कंपनियों द्वारा 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कथित बैंक फ्रॉड और उससे उपजी मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों से जुड़ा है। इस केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा 21 अगस्त 2025 को दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
जांच एजेंसी का कहना है कि पुनीत गर्ग ने वर्ष 2001 से 2025 के बीच आरकॉम में विभिन्न वरिष्ठ पदों पर रहते हुए अपराध से अर्जित धन को हासिल करने, उसे अपने नियंत्रण में रखने, छिपाने, लेयरिंग करने और खर्च करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
ईडी के अनुसार, गर्ग ने 2006 से 2013 तक आरकॉम में प्रेसिडेंट के रूप में कार्य किया और कंपनी के ग्लोबल एंटरप्राइज बिजनेस का संचालन किया। इसके बाद वे 2014 से 2017 तक प्रेसिडेंट (रेगुलेटरी अफेयर्स) रहे। अक्टूबर 2017 में उन्हें एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया, जबकि अप्रैल 2019 से अप्रैल 2025 तक वे नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर रहे।
जांच में सामने आया है कि अपराध की आय को आरकॉम की कई विदेशी सब्सिडियरी कंपनियों और ऑफशोर संस्थाओं के जरिये बाहर भेजा गया। ईडी ने खुलासा किया है कि इसी धन से अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित मैनहट्टन क्षेत्र में एक महंगा लग्जरी कॉन्डोमिनियम खरीदा गया था। आरोप है कि कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौरान इस संपत्ति को धोखाधड़ी से बेच दिया गया।
बताया गया है कि करीब 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर में हुई इस संपत्ति की बिक्री से प्राप्त राशि को फर्जी निवेश संरचना के माध्यम से अमेरिका से बाहर ट्रांसफर किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि यह व्यवस्था पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा नियंत्रित की जा रही थी।
ईडी के अनुसार, यह पूरा लेनदेन रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की जानकारी या अनुमति के बिना किया गया। साथ ही, जांच में यह भी सामने आया है कि बैंकों से लिए गए सार्वजनिक धन का इस्तेमाल निजी खर्चों के लिए किया गया, जिसमें बच्चों की विदेशों में शिक्षा से जुड़े भुगतान भी शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद पुनीत गर्ग को स्पेशल कोर्ट (PMLA), राउज़ एवेन्यू कोर्ट, नई दिल्ली में पेश किया गया, जहां अदालत ने ईडी को आगे की पूछताछ के लिए 9 दिनों की कस्टडी रिमांड दी है। ईडी का कहना है कि इस दौरान मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पूरे नेटवर्क, शेष धनराशि और अन्य लाभार्थियों की पहचान की जाएगी।

