RANCHI
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सक्रिय हस्तक्षेप से नाइजर में अपहृत झारखंड के पांच प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई संभव हो सकी है। ये सभी श्रमिक कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी में कार्यरत थे और अपहरण के करीब आठ माह बाद अब सुरक्षित हैं।

राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा सभी श्रमिकों से दूरभाष पर संपर्क कर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई है। आवश्यक मेडिकल जांच और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें हवाई मार्ग से झारखंड वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश से तेज हुई कार्रवाई
अप्रैल 2025 में गिरिडीह जिले के दोन्दलो एवं मुंडरो गांव (बगोदर थाना क्षेत्र) के पांच श्रमिकों के नाइजर में अपहरण की सूचना मुख्यमंत्री को मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को तत्काल स्थिति की जांच कर श्रमिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद नियंत्रण कक्ष द्वारा कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं कंट्री हेड से संपर्क कर अद्यतन जानकारी प्राप्त की गई। जानकारी के अनुसार, सभी श्रमिक कंपनी साइट से करीब 25 से 30 किलोमीटर दूर तेलाबारी क्षेत्र में कार्यरत थे।
यह घटना एक बड़े सुरक्षा ऑपरेशन से जुड़ी बताई गई, जिसमें कुल 26 स्थानीय नागरिकों और 12 अन्य देशों के श्रमिकों को भी बंधक बनाया गया था। पूरे मामले में कंपनी प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन, भारतीय राजदूत और भारतीय दूतावास के बीच निरंतर समन्वय बना रहा।
राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने मामले का सत्यापन करते हुए प्रोटेक्ट ऑफ इमिग्रेंट्स, रांची, भारतीय दूतावास (नियामी, नाइजर) तथा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार को सूचित कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया था।
हथियारबंद लोगों द्वारा किया गया था अपहरण
जानकारी के अनुसार, ये सभी श्रमिक KPTC प्रोजेक्ट, नाइजर के तहत कार्यरत थे। 25 अप्रैल 2025 को हथियारबंद लोगों द्वारा उनका अपहरण कर लिया गया था, जिसके बाद लंबे समय तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। इस घटना से श्रमिकों के परिजन गहरी चिंता में थे।
आश्रितों को मिला सरकारी योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गिरिडीह जिला प्रशासन ने श्रमिकों के परिजनों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा। इनमें लेबर कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, आवास योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन योजना, नल-जल कनेक्शन, ई-श्रम पंजीकरण, बिरसा हरित ग्राम योजना, जेएसपीएल योजना एवं मंईया सम्मान योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाएं शामिल हैं।
साथ ही, राज्य सरकार के निर्देश पर कंपनी द्वारा श्रमिकों के बैंक खातों में वेतन का नियमित भुगतान भी सुनिश्चित कराया गया।

