रांची
राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नॉर्थ-ईस्ट का पारंपरिक पटका न पहनने को लेकर भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे देश और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक अस्मिता का अपमान बताया।
समाचार एजेंसी से बातचीत में प्रतुल शाह देव ने कहा कि राहुल गांधी की सोच इस घटना से स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि जब विदेशी राजनयिक असमिया पट्टा पहनने को तैयार हैं, तो एक भारतीय नेता का इसे न पहनना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह रवैया नॉर्थ-ईस्ट के लोगों और उनकी संस्कृति के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी उस क्षेत्र के प्रतीक गमछे और पटके को पहनने से क्यों बचते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार एक नकारात्मक और विभाजनकारी मानसिकता को उजागर करता है।
चार धाम मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रतुल शाह देव ने कहा कि यह श्राइन बोर्ड का आंतरिक निर्णय है और इस पर पूरी जानकारी के बाद ही टिप्पणी करना उचित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य धर्मों के कुछ धार्मिक स्थलों में भी बाहरी लोगों के प्रवेश पर सीमाएं हैं, इसलिए इस निर्णय को उसके संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर व्यापारिक अवसर तलाशना दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को भारत के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे दोनों पक्षों को दीर्घकालिक फायदे मिलेंगे।

