नई दिल्ली: संसद परिसर में शुक्रवार को विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन लोकसभा में उठाए गए एक अंतरराष्ट्रीय प्रकरण से जुड़े मुद्दे के बाद हुआ, जिसके चलते एक केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज हो गई। विपक्षी दलों ने कहा कि पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे किसानों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे। उनका कहना था कि सरकार को गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए और चर्चा से बचना नहीं चाहिए।
कुछ सांसदों ने सदन में दिए गए बयानों को लेकर आपत्ति जताई और कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि संसद में सार्थक और गंभीर चर्चा आवश्यक है।
एक अन्य सांसद ने चंडीगढ़ की एक पुनर्वास कॉलोनी में दूषित पानी की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस वजह से कई लोग बीमार हुए हैं और इसे लेकर प्रशासन को त्वरित कदम उठाने चाहिए।
वहीं, एक लोकसभा सांसद ने सदन में शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हंगामे के बजाय रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक अधिवक्ता की हत्या के मामले में अधिवक्ता संरक्षण कानून लागू करने की मांग भी दोहराई।
संसद परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक माहौल गरम हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस की संभावना जताई जा रही है।

