नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर नियम 2026 का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित बदलावों के तहत कुछ प्रमुख शहरों में रहने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों को हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) पर अधिक कर छूट मिलने की संभावना है।
ड्राफ्ट के अनुसार, पुरानी कर प्रणाली (ओल्ड टैक्स रिजीम) अपनाने वाले कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत एचआरए छूट वाले शहरों की सूची का विस्तार करने का प्रस्ताव है। अभी यह सुविधा केवल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में कार्यरत कर्मचारियों को मिलती है, जबकि अन्य शहरों में यह सीमा 40 प्रतिशत है।
प्रस्ताव में बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी 50 प्रतिशत एचआरए छूट वाले शहरों में शामिल करने की बात कही गई है। यदि यह बदलाव लागू होता है, तो इन शहरों में कार्यरत वेतनभोगियों को अधिक कर राहत मिलेगी।
ड्राफ्ट में नियोक्ता द्वारा आंशिक निजी उपयोग के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली कारों के काल्पनिक कर योग्य मूल्य में भी वृद्धि का प्रस्ताव है। 1.6 लीटर इंजन क्षमता तक की कार के लिए यह मूल्य 8,000 रुपये प्रति माह और इससे अधिक क्षमता वाली कारों के लिए 10,000 रुपये प्रति माह तय करने का सुझाव दिया गया है। वर्तमान में यह सीमा क्रमशः 2,700 रुपये और 3,300 रुपये प्रति माह है।
इसके अलावा, नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन पर कर-मुक्त सीमा को बढ़ाकर 200 रुपये प्रति भोजन करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, नियोक्ता उपहारों पर वार्षिक कर छूट की सीमा 5,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने की सिफारिश की गई है।
ड्राफ्ट नियमों में कर-मुक्त कर्मचारी ऋण की सीमा 20,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का भी प्रस्ताव है। फिलहाल ये सभी प्रावधान मसौदा चरण में हैं और अंतिम अधिसूचना के बाद ही लागू होंगे।

