RANCHI
किसी भी श्रेष्ठ व्यक्ति के पीछे श्रेष्ठ मातृशक्ति का योगदान होता है- सुनीता हल्देकर
सप्तशक्ति संगम के समापन समारोह में राष्ट्र सेविका समिति की सह कार्यवाहिका सुनीता हल्देकर ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने विश्व को मानवता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि समाज में स्त्री की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और राष्ट्र के निर्माण में माताओं का योगदान केंद्रीय होता है।उन्होंने कहा कि महान व्यक्तित्वों के निर्माण के पीछे मातृशक्ति की ममता और साधना होती है। भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि एक विचार और चेतना है। स्त्री को उन्होंने राष्ट्र की आत्मा और शक्ति बताया।
विकसित भारत मातृशक्ति के प्रयास के बिना संभव नहीं- डॉक्टर पूजा

समारोह की अध्यक्षता कर रहीं पद्मश्री चामी मुर्मू ने सशक्त शब्दों में कहा कि पर्यावरण की रक्षा मातृशक्ति का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। 25 लाख से अधिक पौधे लगाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने पौधारोपण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जंगलों की सुरक्षा हमारा परम धर्म है, क्योंकि प्रकृति ही जीवन का आधार है। महिलाओं से उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संगठित होकर आत्मनिर्भरता और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता डॉ. पूजा ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी के बिना अधूरा है। उन्होंने माताओं को बच्चों में संस्कार, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना जागृत करने की प्रेरणा दी। बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखकर सद्साहित्य और सकारात्मक मूल्यों से जोड़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र की मजबूती हमारे ‘स्व’ और सांस्कृतिक पहचान को सहेजने में है। उनके अनुसार, समाज की विकृतियों को दूर करने और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में मातृशक्ति ही निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

इस अवसर पर झारखंड के विविध क्षेत्रों में अपने प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली मातृशक्ति को सम्मानित किया गया,जिसमें पद्मश्री जमुना टुडू, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित दीक्षा, अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज रंजन सिंह ,पद्मश्री छुटनी महतो ,अधिवक्ता रिमी रानी, आशा लिंडा,डॉक्टर मंजू मिंज, त्रिपुला दास तथा मृदुल प्रमुख थीं।
कार्यक्रम में अतिथियों का परिचय सुशीला ने कराया। वहीं कार्यक्रम के प्रारंभ में रंजना द्वारा संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने एवं सप्तशती संगम समारोह के संपन्न कार्यक्रमों का वृत्त पीपीटी के माध्यम से रखा। किरण ने सप्तशती संगम के सक्सेस स्टोरी को मातृशक्ति के समक्ष रखा, साथ ही साथ मंच का संचालन भी किया।
इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए विद्या विकास समिति के संवाददाता एवं संपादक मनोज कुमार ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्या विकास समिति, झारखंड के प्रदेश सचिव नकुल कुमार शर्मा, प्रांत के सप्तशक्ति कार्यक्रम के संरक्षक अखिलेश कुमार, नीरज कुमार लाल, विद्या विकास समिति के समस्त पूर्णकालिक एवं प्रवासी कार्यकर्ता तथा कार्यालय कार्यकर्ता के साथ-साथ सरला बिरला विश्वविद्यालय के भी कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा। आभार ज्ञापन कविता द्वारा किया गया और वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की गई ।

