RANCHI
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को रांची में कहा कि झारखंड की सियासत में राजद एक ऐसी धुरी है, जिसे कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद पहली बार झारखंड दौरे पर आए तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं से राज्य में बड़ी राजनीतिक भूमिका के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
रांची के कार्निवल हॉल में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने 2024 के झारखंड विधानसभा में पार्टी के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा, “पिछले चुनाव में हमने 7 में से 4 सीटें जीतीं। हमारा स्ट्राइक रेट शानदार रहा है। अगर गठबंधन में हमें और अधिक सीटें मिलतीं तो राजद का आंकड़ा और बड़ा होता।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में होने वाले परिसीमन के बाद झारखंड में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ेगी, इसलिए कार्यकर्ताओं को अभी से राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। झामुमो और कांग्रेस के बीच चल रही हालिया बयानबाजी और तनाव के बीच तेजस्वी ने सधे हुए अंदाज में गठबंधन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम दिवंगत शिबू सोरेन (गुरुजी) का हृदय से सम्मान करते हैं। भाजपा जैसी सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए हम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एकजुट हैं और आगे भी साथ खड़े रहेंगे।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जिस तरह झामुमो असम में विस्तार कर रहा है, राजद भी केरल जैसे राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए तेजस्वी ने संगठन को बूथ स्तर पर सक्रिय करने का फॉर्मूला दिया। उन्होंने आह्वान किया कि हर कार्यकर्ता को रोजाना कम से कम एक घंटा संगठन के कार्यों और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित करना होगा।
उन्होंने दावा किया कि बिहार में जनादेश राजद के पक्ष में था, जिसे सरकारी तंत्र के दुरुपयोग से बदला गया, लेकिन केंद्र की अगली सरकार में राजद की निर्णायक भूमिका होगी। इस समारोह में राजद के कई कद्दावर नेता शामिल हुए, जिनमें शक्ति सिंह यादव, संजय सिंह यादव, जयप्रकाश यादव, पूर्व मंत्री सुरेश पासवान, संजय प्रसाद यादव, सत्यानंद भोक्ता और रंजन यादव प्रमुख थे।

