तेज रफ्तार ट्रक ने ली महिला की जान, मौके पर मचा हड़कंप

Shashi Bhushan Kumar

झारखंड के चतरा जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जहां तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना सिमरिया थाना क्षेत्र के बगरा मोड़ के पास की है, जहां करीब 50 वर्षीय आशा देवी को एक अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया। बताया जा रहा है कि आशा देवी लावालौंग थाना क्षेत्र के कासीमहुआ गांव की रहने वाली थीं और अपनी बेटी के घर से लौट रही थीं। इसी दौरान जब वह सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है।

आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए चतरा-रांची मुख्यपथ एनएच 22 जाम कर दिया। सड़क जाम रहने से उक्त पथ पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। उनका कहना है कि इस सड़क पर लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। ग्रामीणों ने मृतिका के परिजनों को उचित मुआवजा और आरोपी ट्रक चालक की गिरफ्तारी की मांग की। मृतिका के पुत्र जुगेश्वर साव ने साफ कहा कि जब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक सड़क जाम जारी रहेगा। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। इस दौरान भाजपा नेता विनोद बिहारी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सड़क ट्रांसपोर्टिंग के लिए नहीं है, फिर भी कोयला लदे ट्रकों की आवाजाही लगातार हो रही है, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। वहीं सिमरिया अंचल अधिकारी गौरव कुमार ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को जल्द ही उचित मुआवजा दिलाया जाएगा और मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है और ट्रक चालक की तलाश जारी है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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