‘धुरंधर: द रिवेंज’ पर विवाद बढ़ा, मौलानाओं ने उठाए सवाल

Shashi Bhushan Kumar

मुंबई, LIVE 7 TV – बॉलीवुड की कुछ फिल्में सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि समाज और संवेदनशील मुद्दों को भी सामने लाती हैं। इसी श्रेणी में हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ चर्चा में है।

जहां दर्शकों ने फिल्म को पसंद किया है, वहीं इसके कंटेंट को लेकर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। खासकर धार्मिक और सामाजिक पहलुओं पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने फिल्म को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि फिल्म में दिखाई गई घटनाएँ झूठी और बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई लगती हैं। उनका कहना है कि ऐसी फिल्में समाज में गलत संदेश फैलाने और गलतफहमी पैदा करने का काम कर सकती हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म इंडस्ट्री के कुछ निर्माता केवल कमाई के उद्देश्य से ऐसे विषय चुनते हैं, जो समाज में तनाव बढ़ा सकते हैं। मौलाना रजवी ने बताया कि हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच भाईचारे को ध्यान में रखते हुए ऐसी फिल्में संवेदनशील होती हैं।

उत्तर प्रदेश के शाही मुफ्ती मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में जांच एजेंसियां और न्यायपालिका मौजूद हैं, जो हर मामले की सच्चाई सामने लाती हैं। ऐसे में किसी विशेष समुदाय को गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद किसी धर्म से नहीं जुड़ा होता, इसलिए इस तरह के विषय पर फिल्म बनाते समय जिम्मेदारी और ठोस सबूत होना जरूरी है।

विवादों के बावजूद ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन दुनियाभर में लगभग 75 करोड़ रुपए की कमाई की है।

Share This Article
शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Leave a Comment