झारखंड में रसोईया और आंगनबाड़ी सेविकाओं का वेतन विवाद, 21 साल बाद भी नहीं मिला उचित मानदेय

Shashi Bhushan Kumar

रांची में झारखंड विधानसभा के सामने सरकारी और अल्पसंख्यक विद्यालयों में कार्यरत रसोइया, संयोजिका और अध्यक्ष पद पर काम करने वाली महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई है। इन महिलाओं का कहना है कि उन्होंने पिछले 21 वर्षों से विद्यालयों में सेवा दी है, लेकिन उन्हें आज तक उचित मानदेय नहीं मिला।

रसोइयों को फिलहाल लगभग 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय मिल रहा है, जबकि संयोजिका और अध्यक्ष से अब भी बिना मानदेय के काम लिया जा रहा है। उनका आरोप है कि कई बार आंदोलन करने के बाद भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

महिलाओं ने बताया कि 60 वर्ष की उम्र होने का हवाला देकर उन्हें काम से हटाया जा रहा है। ऐसे में अपने अधिकार और उचित मजदूरी की मांग को लेकर वे हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हो गई हैं। इस संबंध में मंत्री, अधिकारियों, विधायकों और न्यायालय को भी सूचना पत्र सौंपा गया है। महिलाओं को उम्मीद है कि सरकार हड़ताल से पहले उनकी मांगों पर विचार करेगी।

रसोइया दीदी की प्रमुख मांगे

  1. सभी रसोईया संयोजिका को न्युन्तम वेतन लागु किया जाय एवं 2021 के बाद एपरोन कैंप नही मिला है इसे दिया जाय एवं साल में दो साड़ी सेट दिया जाय।
  2. संयोजिका एवं अध्यक्ष को भी रसोईया के तर्ज पर मानदेय से जोडने कि कृपा करे।
  3. रसोईया को स्थायी नियमावली जब तक नही बनता है तब तक 60 साल उम्र का बाध्यता समाप्त करें। अथवा उसके घर का कोई भी सदस्य को काम पर रखा जाय, ताकि फ्री काल से काम कि है को सरकार द्वारा जीने का अधिकार प्राप्त हो सके।
  4. काम के दरम्यान चोट लगने या जल जाने पर कोई भी अंग क्षति होने पर रसोईया संयोजिका को समुचित ईलाज कराते हुए कोई भी अंग क्षति होता है तो क्षतिपुर्ती हो एवं घटना में मृत्यू होने पर उसके आश्रितों को आर्थिक सहायता मिल सके, इसलिए 10 लाख का निशुल्कः बीमा किया जाए।
  5. सभी रसोईया संयोजिका को पेशन स्कीम से जोडवाया जाय एवं ए.पी.एफ. से जोडकर पी. एफ. काटा जाय और ग्रेच्युटी लागु किया जाय ।
  6. विद्यालय में काम के दरमियान हंडीमारा स्कुल प्रखण्ड- सोनोवा, जिला- पश्चिमि सिमभुम, दिनांक 26.07.2025 को स्कुल के किचन की खिड़की को बंद करने के दरमियान गिर गई जिससे उनके सर में चोट लग गई आस्पताल में भरती कराया गया इलाज के क्रम में दिनांक 12.08.2025 को इनका मौत हो गई। दुसरी रसोइया तुलसी समराड मध्य विद्यालय रोलाडी, प्रखण्ड – चखरधरपुर, जिला पश्चिमी सिमभुम, का भी मौत हो गया है। इनहे मुआवजा दिया जाए एवं इनके आश्रित को विद्यालय में काम दिया जाए।
  7. राज्य भर में कई स्कुल मे काम करने में जल गई रसोईया का विभाग द्वारा इलाज नहीं किया गया। इनलोगों ने अपने पैसा से ईलाज कराई है। इनलोगो का ईलाज का जो खर्च हुआ है इसकी सुची पुर्व में जमा किए है पर अब तक खर्च का राशि लोगों को नही मिला है। इनकी राशि शीघ्र भुगतान किया जाय और अकारण राज्य भर से रसोईया संयोजिका को हटाया गया।
    रसोइया दीदी का साफ तौर पर कहना है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो वह अगला ठोस कदम उठानेक लिए मजबूर हो जाएंगे और इसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ सरकार होगी

Share This Article
शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Leave a Comment