नियम विरुद्ध मीट-मटन बिक्री पर शिकंजा, रांची में जांच तेज

Shashi Bhushan Kumar

रांची में सरकारी नियमों का उल्लंघन कर मीट-मटन बेचने वाले दुकानदारों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। जांच में अनियमितता पाए जाने पर जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई और जेल तक की नौबत आ सकती है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने राजधानी के विभिन्न इलाकों में निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, शहर में सैकड़ों मीट-मटन की दुकानें बिना मानकों का पालन किए संचालित हो रही हैं। कई स्थानों पर यह भी स्पष्ट नहीं होता कि किस जानवर का मांस बेचा जा रहा है।

झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार ने रांची में मांस-मटन दुकानों की विशेष जांच शुरू की है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य दुकानों में FSSAI नियमों और स्थानीय निकाय के मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।

इस क्रम में बहुबाजार और बरियातु क्षेत्र की 15 दुकानों का निरीक्षण किया गया। दुकानदारों को अनापत्ति प्रमाण पत्र और वैध लाइसेंस रखने के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. पवन कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम 2011 के शेड्यूल 4, पार्ट 4 का पालन अनिवार्य है।

निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को कई दिशा-निर्देश दिए गए, जिनमें शामिल हैं—

  • दुकान में काले शीशे का दरवाजा
  • साफ-सुथरा फर्श और दीवारें
  • स्टेनलेस स्टील के चाकू व उपकरण
  • कूड़ेदान की उचित व्यवस्था
  • खुले में मांस लटकाकर बिक्री पर रोक

जिन दुकानों में खामियां पाई गईं, उन्हें खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत सुधारात्मक नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तय समय में सुधार न होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एचईसी कॉलोनी के सेक्टर-2, धुर्वा और आसपास के कई इलाकों में नियमों की अनदेखी कर मीट-मटन की दुकानें चल रही हैं। कई जगह खुले में जानवर काटकर मांस बेचा जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि व्यापक स्तर पर औचक छापेमारी की गई तो अधिकांश अवैध दुकानों को बंद करना पड़ेगा।

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Digital Head,Live-7, Committed to impactful journalism, Shashi Bhushan Kumar continues to bring meaningful narratives to the public with diligence and passion. Active Journalist since 2012.
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