आंगनबाड़ी केंद्रों तक राशन पहुंचाने का खर्च उठाएगी गुजरात सरकार

Shashi Bhushan Kumar

अहमदाबाद: गुजरात सरकार ने राज्य की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए एक अहम निर्णय लिया है। सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों तक खाद्यान्न और राशन के परिवहन पर होने वाला खर्च स्वयं वहन करने का फैसला किया है, जिससे कार्यकर्ताओं पर लंबे समय से पड़ रहा आर्थिक बोझ अब कम होगा।

अब तक बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए मिलने वाले राशन को उचित मूल्य की दुकानों से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को अपनी जेब से भुगतान करना पड़ता था। सीमित मानदेय में यह खर्च उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा था, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जहां परिवहन लागत अधिक होती है।

इस मुद्दे को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संगठनों ने कई बार सरकार के समक्ष मांग रखी थी। सरकार के नए निर्णय के तहत अब राशन परिवहन के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रतिमाह 200 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस सहायता की वार्षिक सीमा 2,400 रुपये तय की गई है। यह राशि सीधे कार्यकर्ताओं के बैंक खातों में या किसी पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्यकर्ताओं को अपने कार्य से जुड़े खर्च अपनी आय से न उठाने पड़ें। इस निर्णय का राज्यभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया है और इसे लंबे समय से लंबित मांग की पूर्ति बताया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से न केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर आर्थिक दबाव कम होगा, बल्कि आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली भी बेहतर होगी और वे अपने दायित्वों का निर्वहन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगी।

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Digital Head,Live-7, Committed to impactful journalism, Shashi Bhushan Kumar continues to bring meaningful narratives to the public with diligence and passion. Active Journalist since 2012.
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