RANCHI
स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर हिंदी साहित्य भारती, झारखंड की ओर से मेकॉन चौक, रांची स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी, साहित्यकार और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हिंदी साहित्य भारती, झारखंड के अध्यक्ष अजय राय ने स्वामी विवेकानंद के विचारों और योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि वे भारत की आध्यात्मिक चेतना, युवा शक्ति और राष्ट्रीय गौरव के महान प्रतीक हैं। उन्होंने अपने ओजस्वी विचारों और कर्मयोग के संदेश के माध्यम से भारत को आत्मगौरव का बोध कराया और विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति एवं वेदांत दर्शन की प्रतिष्ठा स्थापित की।
अजय राय ने कहा कि “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” का संदेश आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत है। स्वामी विवेकानंद का जीवन आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण, सामाजिक समरसता और मानव सेवा का मार्ग प्रशस्त करता है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही एक सशक्त, संस्कारित और समरस समाज का निर्माण संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी साहित्य भारती, झारखंड स्वामी विवेकानंद के विचारों को साहित्य और संस्कृति के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।
कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद के विचारों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों और पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लेने के साथ किया गया।

