डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया नमन

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली: भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इस अवसर पर भारत के वर्तमान उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

शनिवार को उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को नमन किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान और दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और स्वतंत्रता के बाद देश को मजबूत लोकतांत्रिक ढांचे की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जब देश स्वतंत्र हुआ और संविधान लागू हुआ, तब प्रथम राष्ट्रपति के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने जिस गरिमा, सादगी और संवैधानिक मर्यादा के साथ दायित्व निभाया, वह आज भी सार्वजनिक जीवन के लिए एक आदर्श है।

उपराष्ट्रपति के अनुसार, डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जीवन सादगी, समर्पण और जनसेवा का प्रतीक था। वे आमजन की भावनाओं से गहराई से जुड़े थे और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को सर्वोपरि मानते थे। उनका व्यक्तित्व सहज, प्रेरक और मूल्याधारित नेतृत्व का उदाहरण था।

उपराष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने स्वतंत्रता आंदोलन और भारतीय गणतंत्र की नींव रखने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि प्रथम राष्ट्रपति के रूप में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ईमानदारी, विनम्रता और संवैधानिक आचरण के उच्च मानदंड स्थापित किए।

अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने यह भी रेखांकित किया कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा स्थापित मूल्य आज भी देश की लोकतांत्रिक यात्रा को दिशा प्रदान करते हैं।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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