लगातार नौवीं बार बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण, पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक क्षण

Ravikant Upadhyay

नई दिल्ली। देश की वित्तीय और संसदीय परंपरा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत के संसदीय इतिहास का एक गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण देश की ऐसी पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं, जो लगातार नौ बार संसद में बजट प्रस्तुत करेंगी।

आर्थिक सर्वेक्षण 2026 संसद में पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का पहला चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले 25 वर्ष बेहद महत्वपूर्ण हैं और इस सदी के दूसरे चरण का पहला बजट देश की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक और संसदीय इतिहास में भी एक मिसाल कायम करेगा। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की आर्थिक नीतियों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद स्थिरता और मजबूती दिखाई है।

निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी सरकार का 15वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह बजट 2024 के आम चुनावों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के बाद दूसरा पूर्ण बजट होगा। ऐसे में इस बजट से आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, निवेश, महंगाई नियंत्रण और सामाजिक कल्याण से जुड़े अहम संकेत मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों में वित्त मंत्रालय की एक अनुभवी और मजबूत टीम जुटी हुई है। आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर बजट की संरचना और रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। वह बजट डिवीजन का नेतृत्व करती हैं, जो वित्त वर्ष 2026-27 के लिए संसाधनों के आवंटन, सरकारी खर्च की प्राथमिकताओं और आर्थिक संतुलन पर काम करता है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन बजट के लिए आर्थिक विश्लेषण और वैश्विक परिदृश्य का आकलन उपलब्ध कराते हैं। उनका कार्यालय वैश्विक जोखिमों, विकास दर के अनुमानों और कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र के रुझानों का अध्ययन करता है, जिससे बजट को दीर्घकालिक दृष्टि मिल सके।

राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर प्रणाली की निगरानी कर रहे हैं। बजट 2026-27 उनके लिए राजस्व सचिव के रूप में पहला बजट होगा। वहीं, व्यय सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम सरकारी खर्च, सब्सिडी सुधार और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

इसके अलावा वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू और निवेश व सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणिश चावला भी बजट प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह बजट न केवल आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर बढ़ते देश के संकल्प को भी प्रतिबिंबित करेगा।

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