विधानसभा: “झारखंड 25 वर्ष का हो चुका है, अब इसे कोई डरा या झुका नहीं सकता।”- हेमंत सोरेन

Shashi Bhushan Kumar

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में विपक्ष, विशेषकर भाजपा पर तीखा हमला बोला। सत्र की शुरुआत में ही उन्होंने भाजपा विधायकों की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के कार्यकाल की समीक्षा का समय आने पर विपक्ष का यूं नदारद होना लोकतांत्रिक जवाबदेही से बचने जैसा है। उन्होंने कहा कि “झारखंड 25 वर्ष का हो चुका है, अब इसे कोई डरा या झुका नहीं सकता।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें आदिवासी इलाकों को कमजोर करने और उनकी आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन राज्य सरकार इससे पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड की पहचान, संस्कृति और आदिवासी अस्तित्व किसी कीमत पर समझौते के लिए उपलब्ध नहीं है।

सीएम सोरेन ने केंद्र पर गैर-भाजपा शासित राज्यों, विशेषकर झारखंड, के साथ ‘नाइंसाफी’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि केंद्र ने—

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में राज्य सरकार ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को 15 लाख तक का शिक्षा ऋण, सावित्रीबाई फुले योजना के जरिए सहायताएं, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग और शिक्षकों के प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शुरू की हैं।

अपने संबोधन में सीएम ने देश के स्तर पर बढ़ती समस्याओं पर केंद्र सरकार की चुप्पी और ध्यान भटकाने की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इंडिगो विवाद, महंगाई, रोजगार जैसे वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय संसद का समय ‘वंदे मातरम’ बहस में खपाया जा रहा है, जिससे जनता की समस्या हल होने वाली नहीं।

उन्होंने कहा, “देश बड़े संकटों से जूझ रहा है, लेकिन हर बड़ी घटना को जानबूझकर डायवर्ट कर दिया जाता है। बात असल मुद्दों पर होनी चाहिए।”

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