BIJAPUR
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादियों के खिलाफ चल रहे सुरक्षा अभियानों के तहत बलों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और माओवादियों का रसद डंप बरामद कर संभावित हमले को समय रहते विफल कर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मद्देड़ थाना क्षेत्र के सोमनपल्ली–बंदेपारा कच्चे मार्ग पर माओवादियों द्वारा सड़क के भीतर श्रृंखलाबद्ध तरीके से दो शक्तिशाली कमांड आईईडी लगाए गए थे। प्रत्येक विस्फोटक का वजन लगभग 10 किलो बताया गया है। यह मार्ग न केवल सुरक्षा बलों की नियमित गश्त के लिए इस्तेमाल होता है, बल्कि ग्रामीणों की आवाजाही भी यहां लगातार बनी रहती है।
सर्च ऑपरेशन के दौरान मद्देड़ थाना पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने सतर्कता बरतते हुए इन आईईडी की पहचान की। इसके बाद बीडीएस टीम ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही विस्फोटकों को नियंत्रित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया।
इसी क्रम में भोपालपटनम् थाना क्षेत्र के कोण्डापड़गु जंगलों में भी सघन तलाशी और डी-माइनिंग अभियान चलाया गया। इस संयुक्त कार्रवाई में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 214वीं बटालियन और जिला पुलिस की टीम शामिल रही। तलाशी के दौरान जमीन में छिपाकर रखे गए दो प्रेशर आईईडी बरामद किए गए, जिनका वजन लगभग दो-दो किलो था। इन विस्फोटकों को भी मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया।
सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को कोण्डापड़गु इलाके में माओवादियों का एक छिपा हुआ डंप भी मिला। जमीन के भीतर गड्ढा खोदकर दो सफेद ड्रम छुपाए गए थे, जिनमें दैनिक उपयोग की सामग्री रखी गई थी। माना जा रहा है कि इनका इस्तेमाल लंबे समय तक जंगल में सक्रिय माओवादी दस्तों द्वारा किया जाना था।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि माओवादी लगातार सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने और क्षेत्र में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मजबूत खुफिया सूचना तंत्र और लगातार चल रहे अभियानों के कारण उनकी योजनाएं बार-बार असफल हो रही हैं।
पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि जिले में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। संवेदनशील इलाकों में नियमित सर्चिंग, डी-माइनिंग और एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या सुरक्षा बलों को दें।
इस कार्रवाई से यह संकेत मिला है कि बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बहाल करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

