हमारी संस्कृति सिर्फ एक दिन नहीं, हमेशा मातृशक्ति के सम्मान की सीख देती है: रौशनी खलखो

Shashi Bhushan Kumar

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रांची विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) और इंटरनल कमिटी के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में रांची की महापौर रौशनी खलखो, दीपशिखा रांची की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुधा लीला, पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) संध्या मेहता और झारखंड हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. वंदना सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद पीएफए विभाग के विद्यार्थियों ने राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति दी।

आईक्यूएसी के निदेशक डॉ. ए.के. डेल्टा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वागत भाषण दिया। इसके बाद इंटरनल कमिटी की समन्वयक और वोकेशनल विभाग की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. स्मृति सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम की थीम “सभी महिलाओं के लिए अधिकार और न्याय” के बारे में जानकारी दी।

कुलपति डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने ऑनलाइन संबोधन में कहा कि किसी भी देश का समग्र विकास तभी संभव है जब आधी आबादी यानी महिलाओं को समान अधिकार और अवसर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अधिकार दिए बिना समाज और राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रांची की महापौर से लेकर रांची विश्वविद्यालय के कई विभागों में नेतृत्व की भूमिका महिलाएं निभा रही हैं, जो गौरव की बात है।

रांची की महापौर रौशनी खलखो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाना अच्छी पहल है, लेकिन भारतीय संस्कृति ऐसी है जो महिलाओं के सम्मान को केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखती। हमारी परंपरा सदैव मातृशक्ति के सम्मान और अधिकारों को महत्व देती रही है। उन्होंने सभी को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. वंदना सिंह ने समाज के कमजोर और गरीब वर्ग की महिलाओं के अधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाने और उनकी मदद के लिए समाज को संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने दिव्यांग और कमजोर महिलाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की भी अपील की।

डीआईजी संध्या मेहता ने अपने संबोधन में महिलाओं को महिला दिवस की बधाई देते हुए अपने जीवन के संघर्षों का अनुभव साझा किया। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और कहा कि घर और समाज दोनों जगह महिलाओं और पुरुषों के बीच समानता का व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए का भी उल्लेख किया।

दीपशिखा रांची की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुधा लीला ने कहा कि यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के साथ समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्हें सम्मान, न्याय और समान अवसर मिलना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपाली और डॉ. स्मृति सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन साइंस डीन डॉ. वंदना ने दिया।

इस अवसर पर रांची विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. मुकुंद चंद्र मेहता, आईएलएस के निदेशक डॉ. बिनोद नारायण, मास कम्युनिकेशन के निदेशक डॉ. बसंत कुमार झा, रांची वीमेंस कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विनीता सिंह, मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार सिन्हा, डॉ. किशोर सुरीन सहित विश्वविद्यालय के कई शिक्षक और सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Share This Article
शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Leave a Comment