APSSDC–सीमेंस घोटाले में बड़ा धमाका: ED ने 54.74 करोड़ की संपत्ति जप्त की

Shashi Bhushan Kumar

हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने आंध्र प्रदेश स्टेट स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (APSSDC) से जुड़े सीमेंस परियोजना घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए डिज़ाइनटेक सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड (DTSPPL) और उससे जुड़े आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है। यह शिकायत विशाखापत्तनम की विशेष पीएमएलए अदालत में दायर की गई है, जिस पर 28 जनवरी 2026 को संज्ञान लिया जा चुका है।

ईडी ने यह जांच आंध्र प्रदेश सीआईडी द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि सीमेंस परियोजना के तहत राज्य सरकार द्वारा कौशल विकास के लिए आवंटित धन को अन्य उद्देश्यों में डायवर्ट कर दिया गया, जिससे सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान हुआ।

जांच में पाया गया कि डिज़ाइनटेक सिस्टम्स के प्रबंध निदेशक विकास विनायक खानवेलकर, सीमेंस इंडस्ट्री सॉफ्टवेयर इंडिया के पूर्व एमडी सौम्याद्री शेखर बोस उर्फ सुमन बोस और उनके सहयोगियों ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया। ईडी के अनुसार, शेल कंपनियों और निष्क्रिय फर्मों के जरिए जटिल वित्तीय लेनदेन किए गए, फर्जी बिल बनाकर सामग्री और सेवाओं की आपूर्ति दिखाई गई और एंट्री ऑपरेटरों के माध्यम से धन की हेराफेरी की गई।

इस मामले में 4 मार्च 2023 को ईडी ने विकास खानवेलकर, सुमन बोस, मुकुल चंद्र अग्रवाल और सुरेश गोयल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अप्रैल 2023 में डिज़ाइनटेक सिस्टम्स के नाम पर मौजूद 31.20 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को जब्त कर लिया गया। मई 2023 में पहली चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिस पर अदालत ने पहले ही संज्ञान ले लिया था।

आगे की जांच में ईडी ने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और पुणे में स्थित बैंक खातों, शेयरों और अचल संपत्तियों सहित 23.54 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियों की पहचान कर उन्हें भी कुर्क कर लिया।

इस प्रकार अब तक इस मामले में कुल 54.74 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। ईडी की आगे की जांच के आधार पर ही यह पूरक चार्जशीट दाखिल की गई, जिस पर विशेष पीएमएलए कोर्ट ने 28 जनवरी 2026 को संज्ञान लिया है।

जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में अन्य लाभार्थियों और वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल जारी है।

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