गाजीपुर
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शुभम सिंह की करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। आरोपी शुभम सिंह नित्यांश मेडिकल एजेंसी का संचालक बताया जा रहा है और वह काफी समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
गाजीपुर सदर कोतवाली पुलिस के अनुसार, यह मामला कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 896/25 से जुड़ा है। केस दर्ज होने के बाद से ही पुलिस और संबंधित विभाग पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटे हुए थे। जांच के दौरान कफ सिरप की बरामदगी के साथ-साथ मनी ट्रेल, फर्जी दस्तावेजों और विभिन्न फर्मों की संलिप्तता की भी पड़ताल की गई।
जांच में सामने आया कि कागजों में कोडीन कफ सिरप की आपूर्ति गाजीपुर की कुछ फर्मों तक दिखाई गई थी, लेकिन वास्तविकता में यह सिरप कभी गाजीपुर पहुंचा ही नहीं। पुलिस के मुताबिक, झारखंड की शैली ट्रेडर्स नामक फर्म से बड़ी मात्रा में कफ सिरप की खरीद दर्शाई गई और फिर फर्जी बिल, फर्जी बिल्टियों और कूट रचना के माध्यम से इसे अन्य स्थानों पर भेज दिया गया।
औषधि विभाग की शिकायत के बाद दर्ज मुकदमे की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कई स्थानीय फर्में केवल नाम मात्र की थीं। इनका उपयोग केवल दस्तावेजों में कफ सिरप के मूवमेंट को दर्शाने के लिए किया गया, जबकि वास्तविक आपूर्ति इन फर्मों की मिलीभगत से अन्य राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक की गई, जहां इसका नशे के रूप में इस्तेमाल हो रहा था।
इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की सख्त धाराओं के साथ-साथ जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई कंसाइनमेंट बांग्लादेश सीमा के पास पकड़े गए, जिनका मिलान इस केस से जुड़े बैच नंबर और दस्तावेजों से किया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत कार्रवाई करते हुए शुभम सिंह से जुड़ी 1.85 करोड़ रुपये की संपत्ति को फ्रीज किया गया है। जब आरोपी से संपत्ति के वैध स्रोत के बारे में जानकारी मांगी गई तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि यह संपत्ति लंबे समय से चल रहे अवैध कफ सिरप कारोबार से अर्जित की गई है।
बताया गया कि यह संपत्ति आरोपी की मां के नाम पर दर्ज थी, जिसे जांच अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी द्वारा फ्रीज कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए मामला अब सफेमा (SAFEMA) एक्ट के तहत सक्षम प्राधिकारी को भेजा गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और फर्मों की पहचान की जा चुकी है। कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई लोगों से पूछताछ जारी है। जांच में नए नाम सामने आ रहे हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
इस केस में बीएसएफ और त्रिपुरा पुलिस द्वारा जब्त किए गए कफ सिरप के कंसाइनमेंट से भी गाजीपुर पुलिस मिलान कर रही है। प्रारंभिक तौर पर यह मामला अंतरराज्यीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका भी जता रहा है।
पुलिस का कहना है कि कोडीन कफ सिरप का नशे के लिए दुरुपयोग एक गंभीर अपराध है, जिसका समाज और युवाओं पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी वजह से इस मामले में किसी भी स्तर पर ढील नहीं बरती जाएगी।
गाजीपुर पुलिस के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत यह जिले की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है और आने वाले समय में इससे जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

