JPSC अभ्यर्थियों की मांग: आयु सीमा की कट-ऑफ तिथि 2018 करने की उठी आवाज
RANCHI
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की आगामी परीक्षा में अधिकतम आयु सीमा को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया है। अभ्यर्थियों और छात्र नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात के लिए आवेदन दिया है, ताकि समय मिलने पर वे अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंप सकें।
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि आयु सीमा निर्धारण की कट-ऑफ तिथि वर्ष 2022 के बजाय 2018 की जाए। उनका कहना है कि पिछली विज्ञापन प्रक्रिया में आयु सीमा वर्ष 2017 के आधार पर तय की गई थी। नियमानुसार अगली परीक्षा के लिए यह तिथि 2018 होनी चाहिए थी, लेकिन आयोग द्वारा इसे 2022 निर्धारित किए जाने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने के अवसर से वंचित हो रहे हैं।
छात्र प्रतिनिधि राहुल कुमार क्रांति ने कहा कि पिछले कई वर्षों से हजारों अभ्यर्थी JPSC की तैयारी कर रहे हैं। आयु सीमा में चार वर्ष का अंतर कर देने से ऐसे उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जो लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी किसी विशेष छूट या सीधी नियुक्ति की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल परीक्षा में शामिल होने का समान अवसर चाहते हैं।
अभ्यर्थियों ने यह भी बताया कि कुछ याचिकाकर्ताओं को झारखंड हाईकोर्ट से परीक्षा में बैठने की अनुमति मिली है। हालांकि यह राहत केवल उन्हीं तक सीमित है, जिन्होंने न्यायालय में याचिका दायर की थी। अन्य कई अभ्यर्थी अब भी परीक्षा से बाहर हैं।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि स्थायी समाधान तभी संभव है, जब सरकार विज्ञापन में संशोधन कर आयु सीमा की कट-ऑफ तिथि 2018 निर्धारित करे, ताकि सभी प्रभावित अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
राज्यपाल से मुलाकात के प्रयास के दौरान छात्रों ने पूर्व में मिले आश्वासनों का भी उल्लेख किया और इस बार ठोस हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई। एक महिला अभ्यर्थी ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से गंभीर तैयारी कर रही हैं और उनकी मांग केवल इतनी है कि कट-ऑफ तिथि 2018 रखी जाए, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का अवसर सुरक्षित रह सके और राज्य को सक्षम प्रशासनिक अधिकारी मिल सकें।

