झारखंड ने रचा इतिहास: धान खरीद की शुरुआत, किसानों को मिलेगा एकमुश्त भुगतान

Shashi Bhushan Kumar

खरीफ विपणन मौसम 2025–26 के तहत झारखंड में धान अधिप्राप्ति (खरीद) की औपचारिक शुरुआत हो गई है। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने जामताड़ा जिले के एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम से योजना का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इसके साथ ही राज्यभर में एक साथ धान खरीद का कार्य शुरू हो गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह पहल किसानों के सम्मान और भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि झारखंड देश का पहला राज्य बन गया है, जहां धान अधिप्राप्ति के बाद किसानों को एकमुश्त (वन-टाइम) भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा।मंत्री ने कहा कि पहले भुगतान किस्तों में होता था, जिससे किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती थी। अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और धान बेचते ही पूरी राशि खाते में पहुंचेगी।

सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2450 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। मंत्री ने विश्वास जताया कि एमएसपी और एकमुश्त भुगतान की सुविधा से राज्य का 7 लाख मीट्रिक टन धान खरीद लक्ष्य सहजता से पूरा होगा।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लैंपस केंद्रों पर नियमित निगरानी रखें और यह सुनिश्चित करें कि किसानों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार या धोखाधड़ी न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायत मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।इसके साथ ही धान की कालाबाजारी, दूसरे राज्यों में अवैध बिक्री और बिचौलियों की संलिप्तता पर सख्त नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।

जामताड़ा के उपायुक्त रवि आनंद ने बताया कि जिले में 28 चिन्हित लैंपस केंद्रों के माध्यम से धान की खरीद की जाएगी। जिले को 2 लाख क्विंटल का लक्ष्य दिया गया है और किसानों को 2450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शत-प्रतिशत भुगतान एक बार में किया जाएगा।सरकार का कहना है कि किसानों की आय में स्थिरता और पारदर्शिता सुनिश्चित कर राज्य के कृषि तंत्र को मजबूत किया जाएगा, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।

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