खूंटी
झारखंड के खूंटी जिले में जादू-टोना और अंधविश्वास के चलते एक सात वर्षीय बच्चे की नृशंस हत्या का मामला सामने आया है। घटना मारंगहादा थाना क्षेत्र के सलगाजोला गांव की है, जहां विष्णु मुंडा नामक बालक की हत्या कर दी गई। मृतक गांव निवासी लक्ष्मण मुंडा का पुत्र था। उसका शव गांव के पास जंगल क्षेत्र से बरामद किया गया।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, करीब दो से तीन महीने पहले लांदूप गांव के भीमाटोली निवासी रघु मुंडा के पोते की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसके बाद रघु मुंडा ने सलगाजोला गांव के लक्ष्मण मुंडा की पत्नी पर डायन होने का आरोप लगाते हुए उसे अपने पोते की मौत का जिम्मेदार ठहराया था। आरोप है कि इसी रंजिश में उसने लक्ष्मण मुंडा को धमकी दी थी कि उसके बेटे को भी जान से मार दिया जाएगा।
22 जनवरी को लक्ष्मण मुंडा का पुत्र विष्णु अचानक लापता हो गया। जब परिजनों ने खोजबीन शुरू की तो शाम के समय गांव के पास जंगल में एक बच्चे का शव पड़े होने की सूचना मिली। परिजन मौके पर पहुंचे तो झाड़ियों के पास खून से लथपथ हालत में विष्णु का शव मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई।
मृतक के पिता के बयान के अनुसार, घटना के दिन विष्णु घर के पास खेत में खेल रहा था। इसी दौरान जगन्नाथ मुंडा उर्फ जगर मुंडा उसे बहला-फुसलाकर पास के लोदोलता जंगल की ओर ले गया, जहां उसकी हत्या कर दी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुदाल, घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और मृतक बच्चे की चप्पल बरामद की है। इस मामले में आरोपी जगन्नाथ मुंडा उर्फ जगर मुंडा और रघु मुंडा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और जादू-टोना जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ सख्त जागरूकता और कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर करती है।

