भारत 85,000 सेमीकंडक्टर डिजाइन इंजीनियर तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा: अश्विनी वैष्णव

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि भारत ‘चिप्स टू स्टार्टअप्स (सी2एस)’ पहल के तहत 85,000 सेमीकंडक्टर डिजाइन इंजीनियर तैयार करने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मंत्री ने बताया कि सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर में प्रतिभा विकास और कौशल बढ़ाने पर खास जोर दे रही है।

New Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw briefs media on cabinet decisions in New Delhi on Tuesday, February 24, 2026. (Photo: IANS/Prem Nath Pandey)

यह कार्यक्रम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रशिक्षण, कौशल विकास और कार्यबल तैयार करके देश के उभरते चिप उद्योग के लिए मजबूत टैलेंट तैयार करना है। वैष्णव ने कहा कि 10 साल के सी2एस कार्यक्रम के पहले चार वर्षों में ही अच्छी प्रगति देखने को मिली है।

उन्होंने बताया कि सिनोप्सिस, कैडेंस डिजाइन सिस्टम्स, सीमेंस, रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स, एएनसिस और एएमडी जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के विश्व स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (ईडीए) टूल्स भारत के 315 शैक्षणिक संस्थानों में उपलब्ध कराए गए हैं।

मंत्री के अनुसार इन टूल्स के जरिए छात्रों को सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।

छात्रों द्वारा डिजाइन की गई चिप्स को मोहाली स्थित सेमीकंडक्टर लैबोरेटरी (एससीएल) में तैयार और परीक्षण किया जा रहा है। इससे छात्रों को डिजाइन से लेकर फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग तक पूरी प्रक्रिया का अनुभव मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि यह पहल अब दुनिया का सबसे बड़ा ओपन-एक्सेस ईडीए प्रोग्राम बन गई है, जिसमें अब तक 1.85 करोड़ घंटे से ज्यादा ईडीए टूल्स का इस्तेमाल चिप डिजाइन प्रशिक्षण के लिए किया जा चुका है।

देश भर के संस्थानों के छात्र, असम से गुजरात और जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडु तक, अब सक्रिय रूप से सेमीकंडक्टर डिजाइन गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं।

वैष्णव ने वैश्विक उद्योग रुझानों का जिक्र करते हुए कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर का आकार मौजूदा 800-900 अरब डॉलर से बढ़कर करीब 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इससे दुनिया भर में लगभग 20 लाख कुशल पेशेवरों की मांग पैदा होगी और भारत के युवाओं के लिए बड़े रोजगार अवसर बनेंगे।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ के तहत इस कार्यक्रम का विस्तार 315 से बढ़ाकर 500 शैक्षणिक संस्थानों तक किया जाएगा, जिससे सेमीकंडक्टर डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और टेस्टिंग के क्षेत्र में पूरे देश में टैलेंट को और मजबूत किया जाएगा।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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