RANCHI
आयकर विभाग ने बाबा राइस मिल समूह और उससे जुड़े लगभग 15 आढ़तियों के 42 ठिकानों पर दो दिन तक चली छापेमारी में बड़े पैमाने पर बेहिसाब नकदी और संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज जब्त किए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, अब तक तीन करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित नकदी बरामद की जा चुकी है।
आयकर विभाग की रांची स्थित अनुसंधान शाखा ने बिहार और झारखंड के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ यह कार्रवाई की। इस दौरान सैकड़ों अधिकारी और कर्मचारी छापेमारी अभियान में शामिल रहे। जब्त नकदी और दस्तावेजों की विस्तृत जांच फिलहाल जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, सबसे बड़ी बरामदगी बाबा राइस मिल के प्रोपराइटर योगेश साहू के रांची के रातू रोड स्थित आवास से हुई है, जहां से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये नकद मिले हैं। हालांकि, नकदी के साथ-साथ राजस्व से जुड़े संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
इसके अलावा अन्य ठिकानों से भी 10 लाख से लेकर 75 लाख रुपये तक की नकदी बरामद होने की सूचना है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और बरामद राशि बढ़ने की संभावना है।
छापेमारी के दौरान बाबा राइस मिल के गयाजी सेंटर से महंगी विदेशी शराब की बोतलें भी मिली हैं, जो बिहार में शराबबंदी के मद्देनजर जांच का विषय बन गई हैं। आयकर विभाग इस पहलू की भी पड़ताल कर रहा है।
बताया जा रहा है कि बाबा राइस मिल से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों के मोबाइल फोन अभी भी बंद हैं, जिससे जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि मामले को दबाने की कोशिशें भी शुरू हो गई हैं।
यह भी सामने आया है कि आयकर विभाग पहले भी बाबा राइस मिल पर नजर रखे हुए था, हालांकि उस समय बड़ी सफलता नहीं मिल पाई थी। इस बार की कार्रवाई को टैक्स चोरी के खिलाफ एक अहम कदम माना जा रहा है।
आयकर विभाग ने अभी तक इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

