RANCHI
गर्मी के मौसम के आते ही रांची के चौक-चौराहों पर मिट्टी के बने घड़े और बर्तन तेजी से बिकने लगे हैं। राजधानी में लोग आधुनिक उपकरणों की बजाय पारंपरिक मिट्टी के घड़े को पानी ठंडा रखने और सेहतमंद रहने के लिए पसंद कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिट्टी के घड़े में रखा पानी फ्रिज के पानी की तुलना में ज्यादा शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक होता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक मिनरल्स शरीर के लिए लाभकारी होते हैं और पानी को लंबे समय तक ठंडा रखते हैं।

कुम्हार और मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगरों के लिए गर्मी का मौसम सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी दौरान उनकी बिक्री सबसे अधिक होती है। दुकानदार आशा कुमारी ने बताया की इस बार गर्मी में घड़ों की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिला है। दुकानदारों के अनुसार, पुरुलिया, बंगाल और सिलीगुड़ी जैसे स्थानों से उन्हें घड़ा मंगाना पड़ रहा है और रास्ते में कई घड़े टूट भी जाते हैं,जिसकी भरपाई उहए खुद उठानी पड़ती है।
ग्राहक भी मिट्टी के बने बर्तनों को तरजीह दे रहे हैं। एक ग्राहक ने कहा कि वह गर्मी में मिट्टी की बोतल का ही इस्तेमाल करेंगे क्योंकि यह पानी को लंबे समय तक ठंडा और स्वास्थ्यवर्धक रखती है, जबकि फ्रिज का पानी कभी-कभी शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकता है।
वर्तमान में गर्मी पूरी तरह नहीं आई है, लेकिन लोग पहले से ही घड़े खरीद रहे हैं। मई में जब तापमान चरम पर होगा, तब इन बर्तनों की बिक्री और भी तेजी से बढ़ने की संभावना है।
घड़ों के दाम:
मिट्टी की बोतल: 100-120 रुपये
नल वाला घड़ा: 170-200 रुपये
बिना नल वाला घड़ा: 150-180 रुपये
सुराही: 150-180 रुपये
REPORT – RADHA RAMAN

