नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे देश की संप्रभुता के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई घोषणा से यह स्पष्ट होता है कि भारत ने दबाव में आकर उनकी शर्तें मान लीं।
आईएएनएस से बातचीत में भगत ने कहा कि यह वास्तविक व्यापार समझौता नहीं बल्कि ऐसा करार है, जो भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है। उन्होंने पूछा कि क्या अब ट्रंप तय करेंगे कि भारत किस देश से तेल खरीदेगा और किन देशों के साथ व्यापार करेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी संसद में जवाब देने से बचते हैं—उन्हें संसद, सवालों और ट्रंप तीनों से डर लगता है।
डेयरी क्षेत्र पर प्रभाव की बात करते हुए भगत ने कहा कि इस फैसले से करीब 8 करोड़ लोग प्रभावित होंगे, खासकर किसान। उन्होंने बताया कि अमेरिका अपने किसानों को 30–35 प्रतिशत तक सब्सिडी देता है, जबकि भारत डब्ल्यूटीओ नियमों के कारण केवल 10 प्रतिशत तक सीमित है, जिससे भारतीय किसान प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएंगे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस समझौते की जानकारी न तो वित्त मंत्री को थी और न ही कृषि मंत्री को—सब कुछ फोन पर तय कर लिया गया। संसद सत्र के दौरान भी इस पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जब टैरिफ दर 3 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है, तो सरकार इसे उपलब्धि कैसे बता सकती है।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए भगत ने कहा कि कानून का गलत इस्तेमाल हुआ है। उनके अनुसार, न तो वारंट दिखाया गया और न ही उचित प्रक्रिया अपनाई गई, जबकि मामला सही तरीके से भी निपटाया जा सकता था।

