CHATRA
विगत 21 दिसंबर को झारखंड-बिहार बार्डर पर स्थित हंटरगंज थाना क्षेत्र में घटित सोना लूटकांड का पुलिस नें खुलासा कर दिया है। चतरा एसडीपीओ संदीप सुमन के नेतृत्व में गठित एसआईटी नें बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लाइंड गोल्ड लूटकांड में शामिल बिहार के दो हिस्ट्रीशीटर को लूट के आभूषण के साथ धर-दबोचा है। घटना को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी संतोष चौधरी उर्फ ढकनी व सिकन्दर रजक को बिहार के अलग-अलग ईलाकों से दबोचा गया है। गिरफ्तार लुटेरों के पास से लूट का लगभग 05.41 ग्राम का 19 अलग-अलग आभूषण जप्त किया गया है।

अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांन्फ्रेंस में चतरा एसडीपीओ संदीप सुमन नें बताया कि विगत 21 दिसंबर को हंटरगंज थाना क्षेत्र के गोसाईंडीह स्थित गणपति पेट्रोल पम्प के पास अज्ञात अपराधियों द्वारा शेरघाटी के स्वर्ण व्यापारी के साथ लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। जिसके बाद भुक्तभोगी बिहार के गया जिलाध्यक्ष अंतर्गत शेरघाटी के गोला बाजार निवासी स्वर्ण व्यापारी संतोष कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर हंटरगंज थाना कांड में लूट की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसके बाद कांड के उदभेदन को लेकर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल के द्वारा विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चतरा द्वारा किया गया। एसडीपीओ नें बताया कि छापामारी टीम के द्वारा अनुसंधान के दौरान सीमावर्ती राज्य बिहार से संतोष चौधरी उर्फ ढकनी को बिहार के गया जी जिला अंतर्गत मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भजेदा गांव व सिकन्दर रजक को गया जी के शेरघाटी थाना क्षेत्र अंतर्गत चेरकी ईलाके से दबोचा गया है। साथ ही उक्त कांड में लुटे गये सोना का आभुषण एव लुटकांड में प्रयोग किये गये टीवीएस अपाची मोटरसाईकिल व विभिन्न कंपनियों का दो मोबाइल जप्त किया किया गया है। उन्होंने बताया कि लुटेरों के पास से लूट का सोना का कान का टॉप 01 जोड़ा, एक कान का पल्ला, ढोलना एक पीस, नकबेसर 08 पीस व 08 नथुनी बरामद किया गया है। एसडीपीओ नें बताया कि गिरफ्तार संतोष के विरुद्ध झारखंड-बिहार के अलग-अलग थानों में 15 सिकंदर के विरुद्ध 03 अलग-अलग मामले दर्ज है। और ये दोनों पूर्व में जेल की हवा खा चुके हैं। टीम में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, संदीप सुमन के अलावे हंटरगंज थाना प्रभारी प्रभात कुमार, एसआई रूपेश कुमार, एसआई पुरुषोतम अग्नीहोत्री व एएसआई सुनिल कुमार दुबे समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

