JAMSHEDPUR
जमशेदपुर में फर्जी पासपोर्ट और पहचान पत्र तैयार करने वाले एक बड़े रैकेट का सुरक्षा एजेंसियों ने खुलासा किया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), झारखंड एटीएस और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन अफगानी नागरिकों सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

संयुक्त छापेमारी के दौरान तीन आरोपियों को जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित हिंदू लाइन इलाके से पकड़ा गया, जबकि चौथे आरोपी को सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली थाना क्षेत्र के इस्लामनगर से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई सोमवार देर शाम एक साथ अलग-अलग स्थानों पर की गई।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय खुफिया एजेंसी को झारखंड में सक्रिय फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद दिल्ली से आई आईबी की विशेष टीम ने झारखंड एटीएस के सहयोग से सुनियोजित तरीके से छापेमारी को अंजाम दिया।
गिरफ्तार किए गए तीन अफगानी नागरिकों की पहचान मो. इश्तियाक अहमद, मो. अनवर खान और लंबू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के निवासी हैं और लंबे समय से जमशेदपुर में रह रहे थे।
जांच के दौरान सामने आया है कि इन आरोपियों के संपर्क मोनाजिर नामक व्यक्ति से थे, जिसे कुछ समय पहले मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मोनाजिर की गिरफ्तारी के बाद उसके कार्यालय से कई डिजिटल दस्तावेज बरामद किए गए थे, जिनके विश्लेषण में बड़े पैमाने पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाने के संकेत मिले थे।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका फर्जी पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार कराने में सामने आई है। फिलहाल जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एजेंसियां इस रैकेट के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी गहनता से जांच कर रही हैं।
जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

