Ranchi
रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण कार्य में अतिक्रमण बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। एयरपोर्ट विस्तार के लिए चिन्हित भूमि पर बने करीब 128–130 घरों और एक मंदिर को हटाने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित लोगों को जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया है।
एयरपोर्ट विस्तार परियोजना के तहत राज्य सरकार ने लगभग 301 एकड़ जमीन 30 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराई थी। हालांकि, चिन्हित क्षेत्र में बने आवासीय ढांचे के कारण निर्माण कार्य निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने प्रशासन से शीघ्र जमीन खाली कराने का अनुरोध किया है, ताकि लंबित विकास कार्यों को गति दी जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, भूमि उपलब्ध होते ही कैट-टू (CAT-II) लाइटिंग सिस्टम और पैरेलल टैक्सी ट्रैक के निर्माण को पूरा किया जाएगा। इन सुविधाओं के शुरू होने से कम दृश्यता की स्थिति में भी विमानों की लैंडिंग संभव हो सकेगी और हवाई संचालन अधिक सुचारु होगा।
विस्तार योजना के तहत इस वर्ष कई सुविधाओं को बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। सुरक्षा जांच काउंटरों की संख्या 3 से बढ़ाकर 8 की जाएगी। डिपार्चर एरिया एक से बढ़ाकर दो किए जाएंगे। एयरलाइंस काउंटरों की संख्या 16 से बढ़ाकर 38 करने की योजना है, जिसमें 22 नए काउंटर जोड़े जाएंगे। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास द्वारों की संख्या भी एक से बढ़ाकर दो करने की तैयारी है, जिससे भीड़भाड़ कम होगी।
31 दिसंबर 2025 को केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की अध्यक्षता में एयरपोर्ट सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में विस्तार के लिए चिन्हित भूमि को जल्द उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जमीन समय पर खाली नहीं कराई गई, तो विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया गया।

