RANCHI
भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल जिनमें राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, नवीन जायसवाल और सीमा शर्मा शामिल होकर डीजीपी को सौंपा ज्ञापन जिसमें कहा की –
प्रदेश में विगत 6 वर्षों से तुष्टीकरण जनित अपराध एवं अपराधियों की चपेट में आ चुका है। यह तुष्टीकरण वर्तमान हेमंत सरकार की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। फुट डालो और राज करो की नीति से अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक समाज में खाई बढ़ रही है जिसके भयावह परिणाम सामने आ रहे। दिन प्रतिदिन विभिन्न समस्याओं से जूझ रही जनता अब अपने पर्व त्योहारों,धार्मिक सांस्कृतिक अनुष्ठानों में भी दहशत ,भय के माहौल में जीने को मजबूर है। जब पुलिस प्रशासन कानून के शासन को तिलांजलि देकर तुष्टीकरण की नीति का टूल किट बन जाता है तो जनता का विश्वास पुलिस प्रशासन से उठ जाता है। ज्ञापन मे यह लिखा गया है कि
केंद्र सरकार की सख्त कार्रवाई के कारण राज्य अब नक्सलवाद से मुक्त होने के कगार पर है लेकिन तुष्टीकरण जनित अपराध राज्य में सुरसा की भांति मुंह फैला रहा है। आए दिन संपूर्ण सनातन,हिंदू समाज, के उत्सव,पर्व त्यौहार एक समुदाय विशेष के निशाने पर होते हैं। राम नवमी,दुर्गा पूजा,सरस्वती पूजा छठ,दीपावली,सरहुल ,शिवरात्रि जैसे त्योहारों में सुनियोजित अड़ंगा डालना,शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी करना,मार्ग बाधित करना, हथियारों से आक्रमण करना ,मंदिर,देवी देवता की प्रतिमा को खंडित करना , अपवित्र करना, जैसी वारदातें आम हो गई हैं। इसके अलावा बड़े पैमाने पर गो तस्करों की सक्रियता सनातन हिंदू समाज को आक्रोशित कर रही है। प्रतिबंधित गौ मांस की बिक्री को बढ़ावा दे रही है।
हाल के महीनों में राज्य के विभिन्न जिलों में घटी घटनाएं इसके ज्वलंत उदाहरण हैं। गिरिडीह जिलांतर्गत घोड़बांधा में होली के दौरान झड़प आगजनी ,हजारीबाग के कटकमसांडी में छठ व्रतियों से अभद्र व्यवहार,मधुपुर में मंदिर के जीर्णोद्धार में बाधा पहुंचाना,बड़हरवा में मंदिर के रास्ते को रोकना,लोहरदगा में शिवलिंग को तोड़ा जाना,महेशपुर में सरना झंडा को उखाड़ कर फेंकना,रांची में सरहुल जुलूस में पथराव,गढ़वा जिला के रामकंडा , धनबाद के बलियापुर में रामनवमी जुलूस पर पथराव, और 28 मार्च को खूंटी के मुरहू में रामनवमी जुलूस पर पत्थरबाजी।ये सारी घटनाएं बताती हैं कि ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले मुस्लिम समुदाय के अपराधियों का मनोबल सिर चढ़कर बोल रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी का ध्यान आकर्षित कराते हुए लिखा है कि राज्य के संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री गण यदि संविधान से ऊपर शरीयत को मानते हों, एक मंत्री क्रिश्चियन स्कूलों में पढ़ने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के बच्चों के नाम काट देने जैसे बयान देते हों, वन्देमातरम गान को विवादित बनाया जाता हो, तो फिर इससे स्पष्ट है कि तुष्टीकरण में डूबी हेमंत सरकार ने समुदाय विशेष के अपराधियों को कितना संरक्षण दिया है।
ऐसे में विगत दिनों खूंटी जिला अंतर्गत मुरहू में रामनवमी के दौरान जुलूस पर पथराव किए जाने की घटना की जांच भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने कल 31 मार्च को की है। स्थानीय लोगों से मुलाकात के बाद जो बातें सामने आई है उससे स्पष्ट है कि सुनियोजित तरीके से रामनवमी जुलूस पर पत्थरबाजी करते हुए मुस्लिम समाज के अपराधी तत्वों के द्वारा विश्व हिंदू परिषद,बजरंग दल, रामनवमी समिति के कार्यकर्ताओं,पदाधिकारियों को निशाना बनाया गया,हत्या करने की कोशिश की गई। जिसमें कृत पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह भेदभावपूर्ण है। पुलिस प्रशासन कटघरे में तब खड़ा हो जाता है जब पुलिस कार्रवाई में केवल खाना पूर्ति की जाती है। मुस्लिम समाज के नामजद चिन्हित अपराधियों को बचाया जाता है,गिरफ्तारियां नहीं होती और पीड़ित हिन्दू सनातन समाज के लोगों पर सख्त धाराएं लगाकर बड़ी संख्या में मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, गिरफ्तार किया जाता है। और ऐसा पहली बार नहीं हुआ बल्कि पिछले 6 वर्षों से प्रशासन राज्य सरकार के दबाव में भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रहा।
प्रदेश की आम जनता इस प्रकार की तुष्टीकरण पूर्ण कार्रवाई से व्यथित है ,अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। पर्व त्योहारों में भी भयभीत है। ऐसे में एक सशक्त विपक्षी दल के नाते भाजपा जनभावनाओं के साथ खड़ी है।हम कभी भी राज्य को तुष्टीकरण वाद में जलने नहीं देंगे। इसलिए भाजपा आपके माध्यम से सरकार को आगाह करती है कि राज्य सरकार तुष्टीकरण की नीति पर चलने से बाज आए। पुलिस प्रशासन किसी भी जाति धर्म समुदाय से जुड़ा हो उसपर विधि सम्मत कार्रवाई करे। और समुदाय विशेष के अपराधियों को संरक्षण देना बंद करे।
भाजपा ने यह मांग किया है कि
राज्य में सनातन हिंदू समाज के पर्व त्यौहार,उत्सव में बाधा,अड़ंगा,पत्थरबाजी, हिंसा, भड़काऊ कार्रवाई पूरी तरह बंद हो।
राज्य में गौ तस्करी पर रोक लगे,प्रतिबंधित मांस बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
मुरहू खूंटी की घटना में तुष्टीकरण के तहत राज्य सरकार के दबाव में गिरफ्तार निर्दोष 77 लोगों को अविलंब छोड़ा जाए।
घटना को अंजाम देने वाले मुस्लिम समुदाय के नामजद अपराधियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
पुलिस प्रशासन वर्दी की इज्जत रखे , राज्य सरकार का टूल किट बनाना बंद करे।प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया है कि उक्त तथ्यों के आलोक में त्वरित कार्रवाई की जाए।

