नई दिल्ली: उद्योग जगत ने केंद्रीय बजट 2026-27 को सकारात्मक बताते हुए कहा है कि यह राजकोषीय अनुशासन, संरचनात्मक सुधारों और निजी निवेश को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों के जरिए भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करेगा। उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक भरोसेमंद दिशा तय करता है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा कि यह बजट ऐसे समय में भारत की विकास गाथा में विश्वास पैदा करता है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अस्थिरता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इससे निवेशकों को दीर्घकालिक निवेश के लिए स्पष्ट नीतिगत संकेत मिलते हैं।
मेमानी ने आगे कहा कि बजट में विनिर्माण और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने पर दिया गया जोर भारत को उन क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाएगा, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा तय करेंगे।
CII पंजाब के अध्यक्ष अमिन जैन ने बताया कि बजट में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इनमें मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना, श्रम-प्रधान टेक्सटाइल उद्योग के लिए एकीकृत योजना और हेरिटेज टेक्सटाइल पार्क का पुनर्विकास शामिल है। उनके अनुसार, इससे देश के कपड़ा उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि 10,000 करोड़ रुपये के MSME फंड की घोषणा से खासकर टेक्सटाइल सेक्टर को लाभ होगा, क्योंकि देश के अधिकतर MSME इसी क्षेत्र से जुड़े हैं।
भारत चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष नरेश पच्चीसिया ने बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि इससे आर्थिक विकास दर सात प्रतिशत के आसपास बने रहने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी क्षेत्रों के लिए लक्षित योजनाएं पेश की हैं।
पच्चीसिया ने यह भी कहा कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि अगले वित्त वर्ष के लिए इसे 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे भारत को वैश्विक आर्थिक झटकों से बेहतर ढंग से निपटने में मदद मिलेगी।
PHDCCI की डायरेक्ट टैक्स कमेटी के अध्यक्ष मुकुल बागला ने कहा कि यह बजट सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजकोषीय घाटे को धीरे-धीरे चार प्रतिशत तक लाने की योजना सकारात्मक है। पिछले बजट में कई टैक्स छूट दी गई थीं, जबकि इस बार स्थिरता पर ज्यादा जोर दिया गया है।
PHDCCI की इनडायरेक्ट टैक्स कमेटी के अध्यक्ष अशोक बत्रा ने कस्टम ड्यूटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सकारात्मक कदम है, हालांकि उन्होंने जीएसटी में भी इसी तरह के सुधारों की उम्मीद जताई।

