रेफर के बीच टूटी सांसें, सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े परिजनों ने किया सड़क जाम

Shashi Bhushan Kumar

प्रशासन की लाख सख्ती के बावजूद भी सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा है। सदर प्रखंड के पाराडीह के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में एक शादीशुदा युवक विनोद यादव (पिता जगदेव यादव) की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद, आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर चतरा से रांची जाने वाले मुख्य मार्ग के बीच चतरा-बगरा मुख्य मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया।

मृतक विनोद यादव के छोटे भाई ननकू यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके भैया शाम करीब 5:00 बजे दवा लेने के लिए घर से निकले थे। उसी समय विपरीत दिशा से आ रहे एक अपाचे बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। अपाचे बाइक पर तीन लोग सवार थे। ननकू यादव ने आरोप लगाया कि टक्कर के बाद उनके भाई विनोद यादव की स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। इसके बावजूद, अपाचे सवारों ने उन्हें बगल में ही एक गटर के पास उठाकर रख दिया और उनके साथियों में से भी एक घायल हुआ था, जिसे संभाल कर वे लोग मौके से भागने में सफल रहे।

रेफर के चक्रव्यूह में फंसी जान

परिजनों ने बताया कि गंभीर अवस्था में विनोद को सदर अस्पताल, चतरा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हजारीबाग रेफर किया गया, जहाँ से फिर रिम्स (RIMS) रेफर कर दिया गया। रात होने के कारण परिजनों ने उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन वहाँ से भी रिम्स रेफर कर दिया गया। रिम्स जाने के क्रम में ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया। जाम की सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी विपिन कुमार और सीओ अनिल कुमार तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। परिजनों ने सीओ से स्पष्ट रूप से मृतक के परिजनों के लिए सरकारी नौकरी की मांग की है। इस पर सीओ अनिल कुमार का कहना है कि सरकार के द्वारा जो नियम-कानून है, उसके तहत मुआवजा दिया जाएगा। सदर थाने की पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर सड़क जाम हटवाने और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है, ताकि चतरा-रांची मुख्य मार्ग पर यातायात जल्द से जल्द बहाल हो सके।

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