बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनके साथ सीमा पार कराने में मदद कर रहे एक भारतीय युवक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई हरैया थाना क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एसएसबी को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति नेपाल के रास्ते भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर सीमा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई गई और चेकिंग के दौरान तीन बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा गया। इनके साथ मौजूद एक भारतीय युवक भी गिरफ्तार किया गया, जो उन्हें सीमा पार कराने में सहयोग कर रहा था।
पूछताछ में यह बात सामने आई कि गिरफ्तार किए गए तीनों विदेशी नागरिक बांग्लादेश के निवासी हैं। इनकी पहचान जेशोरे जिले के चौगछा निवासी मोहम्मद शाहीनूर रहमान, उत्तार चार मोंगल निवासी मोहम्मद सोबुज और मोजम्मेल निवासी मोहम्मद फिरोज के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि तीनों के पास वैध बांग्लादेशी पासपोर्ट तो थे, लेकिन भारत में प्रवेश के लिए आवश्यक वैध वीजा उनके पास नहीं था।
पुलिस ने इनके पास से 2,000 भारतीय रुपये, 33,020 नेपाली रुपये, 1,000 बांग्लादेशी मुद्रा और दो अमेरिकी डॉलर बरामद किए हैं। इसके अलावा चार मोबाइल फोन और तीन पासपोर्ट भी जब्त किए गए हैं। बरामद मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके संपर्क किन-किन लोगों से थे और क्या इस घुसपैठ के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।
इस मामले में गिरफ्तार किया गया भारतीय युवक मो. सरफराज अंसारी बताया गया है, जो बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस का कहना है कि सरफराज इन बांग्लादेशी नागरिकों को नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में यह संदेह जताया जा रहा है कि वह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब संयुक्त रूप से यह जांच कर रही हैं कि इन बांग्लादेशी नागरिकों का भारत में प्रवेश करने का उद्देश्य क्या था। अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यह मामला केवल अवैध घुसपैठ तक सीमित है या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क, मानव तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों का संबंध है।
फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। इस कार्रवाई को सीमा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

