लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को बिजली आपूर्ति, स्मार्ट मीटर व्यवस्था और निजीकरण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिली। शून्य प्रहर के दौरान विपक्षी दल के सदस्यों ने प्रदेश में बिजली कटौती, बढ़ती दरों और स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं की परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
विपक्षी सदस्यों का कहना था कि कई क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है और मौजूदा हालात को देखते हुए आशंका है कि गर्मी के मौसम में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। हेल्पलाइन नंबर 1912 पर दर्ज शिकायतों के समाधान में भी देरी का आरोप लगाया गया। साथ ही स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डालने और लोड बढ़ाने में मनमानी किए जाने की बात कही गई।
सरकार की ओर से ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में अब बिजली कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। उनके अनुसार राज्य में उत्पादन, वितरण और आपूर्ति की स्थिति मजबूत हुई है तथा अधिकांश उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि घरेलू दरें अन्य कई राज्यों की तुलना में संतुलित हैं और किसानों के हित में कई कदम उठाए गए हैं।
निजीकरण के मुद्दे पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और भविष्य में जो भी कदम उठाया जाएगा, वह राज्यहित को ध्यान में रखकर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय निजी क्षेत्र को विद्युत उत्पादन के लिए आमंत्रित किया गया था।
इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान कृषि संबंधी विषयों पर विपक्ष ने सरकार के जवाब से असंतोष जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
कार्यवाही के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने विभागीय कार्यों के साथ कुछ विकास कार्यों का जिक्र किया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्रियों से केवल विभागीय कार्यों तक सीमित रहने की टिप्पणी की।
गुरुवार को सदन में कृषि, जलशक्ति समेत कई विभागों का बजट भी प्रस्तुत किया गया। बिजली और किसानों के मुद्दों पर तीखी नोकझोंक के बीच विधानसभा की कार्यवाही जारी रही।

