नयी दिल्ली, 06 अगस्त (लाइव 7) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रादेशिक सेना को ‘नागरिक-सैनिक’ सहयोग की अवधारणा का जीता-जागता उदाहरण बताते हुए कहा है कि ‘विकसित भारत’ के विज़न को आगे बढ़ाने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। श्री सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा, आपदा राहत, पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा में बल की दोहरी भूमिका पर जोर दिया। श्री सिंह ने गुरुवार को यहां रक्षा मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें प्रादेशिक सेना पर विस्तार से चर्चा हुई। वरिष्ठ अधिकारियों ने सदस्यों को बल के काम, भूमिका और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी, जबकि समिति के सदस्यों ने इसकी कार्यक्षमता को और बढ़ाने के लिए सुझाव दिये।

