रामगढ़ के हेसला स्थित एक इस्पात फैक्ट्री में सोमवार तड़के हुए भीषण विस्फोट में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों में दो की हालत नाजुक बनी हुई है। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए रामगढ़ के रांची रोड स्थित एक निजी अस्पताल और रांची के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार सुबह करीब छह बजे से फैक्ट्री गेट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों ने प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
करीब 16 घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद रात करीब 10 बजे प्रशासन, फैक्ट्री प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी।
समझौते के अनुसार, मृत मजदूरों के आश्रितों को 21-21 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की पूरी जिम्मेदारी फैक्ट्री प्रबंधन ने ली है। यह भी तय किया गया कि यदि कोई मजदूर इस हादसे में स्थायी रूप से दिव्यांग होता है, तो उसके एक आश्रित को फैक्ट्री में नौकरी दी जाएगी।
प्रबंधन की ओर से इन सभी बिंदुओं पर लिखित आश्वासन दिया गया है। समझौते के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।

