देश के अन्नदाताओं को मिलेगी पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त, क्यूआर कोड से देख सकेंगे पूरा कार्यक्रम

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को देश के किसानों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। पीएम मोदी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त किसानों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर करेंगे। कार्यक्रम का प्रसारण सभी देख सकें इसके लिए कृषि विभाग ने लाइव लिंक और क्यूआर कोड भी जारी किया है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “देश के अन्नदाताओं के सशक्तीकरण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों के बैंक खातों में पीएम- किसान की 22वीं किस्त को हस्तांतरित करेंगे।” साथ में लाइव देखने के लिए लिंक और क्यूआर कोड भी जारी किया है। किसान इस लिंक पर क्लिक करके या क्यूआर कोड स्कैन करके कार्यक्रम को सीधे देख सकते हैं।

इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर किस्त में 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उन्हें खेती-किसानी में मदद मिल सके। इस बार किस्त जारी करने का मुख्य कार्यक्रम गुवाहाटी के खानापारा में आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार शाम 5 बजे किसानों के खातों में यह राशि ट्रांसफर करेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

इस बार लगभग 9.32 करोड़ किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए सरकार 18,640 करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजेगी। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए पैसा सीधे किसानों के खातों में जाता है, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी या बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देना है। खेती के दौरान बीज, खाद, दवाई या अन्य जरूरतों के लिए किसानों को अक्सर पैसों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में यह राशि उनके लिए काफी मददगार साबित होती है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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