सीएम हेमंत सोरेन ने 1,485 पुलिस वाहनों को किया रवाना, 12 आधुनिक थानों की रखी आधारशिला

Shashi Bhushan Kumar

राज्य में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने तथा पुलिस बल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम पहल करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को पुलिस बेड़े के लिए 1,485 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने राज्यभर में 12 आधुनिक पुलिस थानों के निर्माण की आधारशिला भी रखी।

इस पहल का उद्देश्य झारखंड पुलिस की गतिशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को बढ़ाना है। नए वाहनों में 636 चारपहिया गश्ती वाहन और 849 दोपहिया वाहन शामिल हैं। राज्य सरकार द्वारा पुलिस विभाग के लिए कुल 1,255 गश्ती वाहन और 1,697 दोपहिया वाहनों को स्वीकृति दी गई है, जिसमें यह तैनाती पहला चरण है।

वितरित किए गए 636 चारपहिया वाहनों में से 614 सीधे विभिन्न जिलों को उपलब्ध करा दिए गए हैं, जबकि शेष वाहन जल्द ही क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और अन्य विशेष इकाइयों को दिए जाएंगे।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इन वाहनों के शामिल होने से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गश्ती व्यवस्था मजबूत होगी। इससे आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी और पुलिसिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

वाहनों के वितरण के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य में पुलिस अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से 12 आधुनिक थाना भवनों की वर्चुअल आधारशिला भी रखी। प्रस्तावित हाईटेक थाने Hazaribagh, Bokaro, Deoghar, Dhanbad, Garhwa, Giridih, Palamu, East Singhbhum, Gumla, Ranchi, Dumka और Chatra जिलों में बनाए जाएंगे।

इन थानों की खासियत यह होगी कि चार विशेष पुलिस इकाइयों को एक ही परिसर में संचालित किया जाएगा। इससे आम लोगों को शिकायत दर्ज कराने या अन्य पुलिस सेवाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नागरिकों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त माहौल बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, बेहतर उपकरण और आवश्यक संसाधनों से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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