पुलवामा हमले की बरसी: पीएम मोदी सहित कई नेताओं ने शहीद जवानों को किया नमन

Shashi Bhushan Kumar

नई दिल्ली। पुलवामा आतंकी हमले को सात वर्ष पूरे होने पर देशभर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। इस हमले में 40 जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था, जिसे देश आज भी याद करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद जवानों को याद करते हुए कहा कि उनकी निष्ठा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति सेवा देश की सामूहिक चेतना में हमेशा जीवित रहेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि पुलवामा में बलिदान देने वाले वीरों का साहस हर भारतीय को प्रेरित करता है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वीर जवानों का बलिदान देश को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर मजबूती से काम कर रहा है।

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान भारतीय शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है और यह देश को आतंकवाद के खिलाफ लगातार लड़ने की प्रेरणा देता रहेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अमर जवानों का बलिदान आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के राष्ट्रीय संकल्प को मजबूत करता है।

विपक्ष के नेताओं ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पुलवामा में बलिदान देने वाले वीर जवानों का साहस और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।

वहीं एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि भारतीय सैनिकों का साहस, त्याग और देशभक्ति देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा का मजबूत आधार है। उन्होंने पुलवामा हमले में शहीद सभी जवानों को श्रद्धांजलि दी।

पुलवामा हमले की बरसी पर देशभर में शहीदों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया गया।

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शशी भूषण कुमार | पत्रकार (Journalist)- शशी भूषण कुमार 12+ वर्षों के अनुभव वाले पत्रकार हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्य करते हुए वर्तमान में Live 7 TV.com में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में संपादकीय नेतृत्व और न्यूज़ प्लानिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे पिछले तीन वर्षों से झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता विभाग के गेस्ट फैकल्टी भी हैं। ग्रामीण पत्रकारिता पर शोध कार्य से जुड़े रहते हुए वे जमीनी और आदिवासी क्षेत्रों की आवाज़ को मुख्यधारा तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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