पटना — बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट (कक्षा 12) की वार्षिक परीक्षा सोमवार से पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। इस साल तीनों संकायों—विज्ञान, कला और वाणिज्य—के कुल 13.17 लाख से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा में बैठ रहे हैं।
परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में विज्ञान संकाय के लिए जीव विज्ञान और कला संकाय के लिए दर्शनशास्त्र की परीक्षा आयोजित की गई। यह परीक्षा 13 फरवरी तक चलेगी, जिसके लिए बीएसईबी ने व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि नकलमुक्त और शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा संपन्न हो सके।
पूरे बिहार में कुल 1,762 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सुबह 8 बजे से ही छात्र-छात्राएं केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। प्रत्येक जिले में चार विशेष ‘मॉडल परीक्षा केंद्र’ बनाए गए हैं, जहां केवल छात्राएं परीक्षा देंगी।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9:30 बजे शुरू होकर 12:45 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की व्यवस्था की गई है।
छात्रों को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया है। पहले दिन दूसरी पाली में कला और वाणिज्य संकाय के छात्रों के लिए अर्थशास्त्र की परीक्षा होगी। नकल रोकने के लिए परीक्षार्थियों की दो चरणों में सघन तलाशी ली जा रही है, उसके बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जा रहा है।
परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। परीक्षा में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सभी केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, ईयरफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित हैं।
छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरे राज्य में 152 मॉडल परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 4 पटना में स्थित हैं। इन केंद्रों पर केवल छात्राएं परीक्षा देंगी और यहां तैनात सभी दंडाधिकारी, निरीक्षक और सुरक्षाकर्मी भी महिलाएं होंगी।

