झारखंड में बाबा राइस मिल ग्रुप पर आयकर छापेमारी, 15 से अधिक ठिकानों की जांच

Ravikant Upadhyay

रांची। झारखंड में गुरुवार को आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े 15 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई रांची, हजारीबाग और जमशेदपुर में की गई, जिससे पूरे कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया। आयकर विभाग को समूह से जुड़े कारोबारियों के खिलाफ टैक्स चोरी, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और आय से अधिक संपत्ति से संबंधित अहम सूचनाएं मिली थीं, जिसके आधार पर यह सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

रांची जिले के पिस्का नगड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत बंधेया इलाके में स्थित बाबा राइस के आटा और चावल मिल प्लांट पर आयकर विभाग की एक टीम ने सुबह से ही जांच शुरू कर दी। यहां मशीनों, स्टॉक रजिस्टर, बिल-बुक, कंप्यूटर सिस्टम और डिजिटल रिकॉर्ड की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही नगड़ी के बांध टोली क्षेत्र में स्थित बाबा राइस के एक अन्य प्लांट पर भी विभाग की अलग टीम द्वारा छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान दोनों ही स्थानों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को परिसर के अंदर या बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। जांच के दौरान दस्तावेजों और डिजिटल डेटा को खंगाला जा रहा है, ताकि वास्तविक कारोबार और घोषित आय के बीच अंतर का पता लगाया जा सके।

जमशेदपुर में भी आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सर्किट हाउस रोड नंबर-3 स्थित 33सी नंबर बंगले में सुबह से आयकर विभाग की टीम मौजूद है। बताया जा रहा है कि यह आवास कारोबारी मनोज चौधरी से जुड़ा हुआ है। यहां बैंक खातों, निवेश से जुड़े दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।

वहीं हजारीबाग में भी आयकर विभाग की कई टीमें बाबा राइस मिल ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, विभाग का फोकस समूह के बैंक ट्रांजेक्शन, निवेश, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और संभावित बेनामी लेन-देन पर है। प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है, हालांकि विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर अभी कोई पुष्टि नहीं की गई है।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सभी स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। खास बात यह है कि यह पूरी कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय तरीके से की गई थी, जिसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी पहले से नहीं दी गई थी। अचानक हुई इस छापेमारी से संबंधित उद्योग और व्यापार जगत में चर्चा का माहौल बन गया है।

सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग की यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रह सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि टैक्स चोरी और संदिग्ध लेन-देन का दायरा कितना बड़ा है और आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाएगी।

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