हिंदी शिशुकाव्य की प्रवृत्तियाँ पुस्तक का लोकभवन में विमोचन, राज्यपाल ने किया लेखक के शोध की सराहना

Ravikant Upadhyay

रांची। लोकभवन, रांची में आज साहित्य और बाल शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर देखने को मिला, जब राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने ‘हिंदी शिशुकाव्य की प्रवृत्तियाँ’ शीर्षक पुस्तक का विधिवत विमोचन किया। यह पुस्तक डॉ. अमन कुमार द्वारा लिखित एक शोधपरक कृति है, जो हिंदी शिशुकाव्य की भूमिका, प्रवृत्तियों और उसके शैक्षिक एवं सामाजिक प्रभावों पर केंद्रित है।

पुस्तक विमोचन के अवसर पर राज्यपाल ने पुस्तक की विषय-वस्तु के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की और लेखक डॉ. अमन कुमार को इस महत्वपूर्ण शोध कार्य के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में साहित्य की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और शिशु काव्य बच्चों के मानसिक, भाषाई और नैतिक विकास में विशेष योगदान देता है।

डॉ. अमन कुमार ने इस अवसर पर बताया कि शिशुओं के विकास में कविता केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक प्रभावी शिक्षण और संवाद प्रणाली है। शिशु काव्य बच्चों की भाषा क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और संप्रेषण शक्ति को विकसित करने में सहायक होता है। साथ ही, इसके माध्यम से बच्चों में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और सामाजिक व्यवहार का बीजारोपण भी किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि यह पुस्तक मूल रूप से शोध पर आधारित है और शिशुओं में कम्युनिकेशन सिस्टम के विकास तथा कविता के माध्यम से शिक्षा को केंद्र में रखकर लिखी गई है। पुस्तक में विशेष रूप से यह विश्लेषण किया गया है कि दो से छह वर्ष की आयु के बच्चों के मानसिक विकास में शिशु काव्य किस प्रकार सहायक सिद्ध होता है और किस तरह यह सामाजिक संवाद स्थापित करने की उनकी क्षमता को मजबूत करता है। लेखक के अनुसार, हिंदी शिशुकाव्य पर यह संभवतः अपनी तरह का पहला व्यवस्थित शोध है, जो इस विषय को अकादमिक दृष्टि से प्रस्तुत करता है।

डॉ. अमन कुमार ने यह भी साझा किया कि वे जनसंचार के छात्र रहे हैं और शिशु काव्य के माध्यम से संवाद स्थापित करने तथा बच्चों में सकारात्मक संस्कार विकसित करने में उनकी वर्षों से गहरी रुचि रही है। यही रुचि और निरंतर शोध इस पुस्तक के रूप में सामने आई है। वर्तमान में वे दूरदर्शन झारखंड में चैनल ऑपरेशंस स्पेशलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

पुस्तक विमोचन समारोह में दूरदर्शन झारखंड के कार्यक्रम प्रमुख श्री अमित कुमार, श्री गोविन्द कुमार झा सहित दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर दूरदर्शन के कार्यक्रम अधिशासी श्री सुधीर कुमार, श्री सुशील कुमार, श्रीमती पूर्णिमा कुमारी, श्री ब्रजेश कुमार, श्री सुबास कुमार सहित अन्य अधिकारियों और सहकर्मियों ने भी लेखक को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।

कार्यक्रम के समापन पर यह उम्मीद व्यक्त की गई कि ‘हिंदी शिशुकाव्य की प्रवृत्तियाँ’ पुस्तक न केवल शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी, बल्कि अभिभावकों और बाल साहित्य से जुड़े रचनाकारों को भी बच्चों के समग्र विकास की दिशा में नई सोच और दृष्टि प्रदान करेगी।

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