फर्जी बीमा दावा मामले में CBI ने चार आरोपियों को जेल की सजा सुनाई

Shashi Bhushan Kumar

लखनऊ: विशेष CBI अदालत ने न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से जुड़े 9.81 लाख रुपये के फर्जी बीमा दावे के मामले में कंपनी के एक अधिकारी समेत चार दोषियों को अलग-अलग अवधि की जेल की सजा सुनाई।

न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, डिवीजनल ऑफिस-III, कानपुर के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारी एन.के. सिंघल को तीन साल की कैद और 2.3 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गई। वहीं संजय कुमार जैन और नीरज कपूर को तीन-तीन साल की कैद और 95-95 हजार रुपये जुर्माना, जबकि बृजेश कनोडिया को दो साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।

इस मामले में CBI ने 30 जनवरी 2004 को केस दर्ज किया था। आरोप था कि 1999 से 2002 के दौरान एन.के. सिंघल ने कुछ अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर फर्जी बीमा दावों के जरिए कंपनी को 9.81 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया।

जांच के दौरान CBI ने बीमा कंपनी से जुड़े अहम दस्तावेजों की समीक्षा की और दोषी कर्मचारियों के सहकर्मियों के बयान दर्ज किए। मुकदमे के दौरान प्रदीप कुमार दीक्षित को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया, जबकि नीरज अग्रवाल और अमरनाथ शुक्ला की मृत्यु के कारण उनके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई।

इस फैसले के साथ ही दो दशकों तक चली जांच का समापन हुआ और दोषियों को उनके अपराधों के लिए कानून के तहत सजा दी गई।

Share This Article
Live-7 TV
Leave a Comment