नयी दिल्ली, 25 फरवरी (लाइव 7) दिल्ली विधानसभा में नेता विपक्ष आतिशी ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से लाई गई नई शराब नीति अधिक पारदर्शी थी जिससे कालाबाजारी रूकती और सरकार का राजस्व बढ़ता लेकिन उपराज्यपाल ने अड़चनें डालकर इसे लागू नहीं होने दिया और इसकी वजह से दिल्ली सरकार को 2000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
सुश्री आतिशी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा लाई गई नई शराब नीति अधिक पारदर्शी थी। इससे कालाबाजारी रूकती और सरकार का राजस्व बढ़ता, लेकिन भाजपा के उपराज्यपाल , प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अड़चनें डालकर इसे लागू नहीं होने दिया और इसकी वजह से दिल्ली सरकार को 2000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। अगर इन्होंने नई नीति लागू करने दी होती तो मात्र एक साल में दिल्ली का एक्साइज रेवेन्यू 4,108 करोड़ से बढ़कर 8,911 करोड़ रुपए तक पहुंच जाता। उन्होंने कहा कि 2022 में यही नीति ‘आप’ की सरकार ने पंजाब में लागू की है और आज वहां आबकारी राजस्व 65 फीसद तक बढ़ गया है। आम आदमी पार्टी की मांग है कि कैग रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल , सीबीआई और ईडी के खिलाफ जांच की जाए, ताकि यह पता चले कि सरकार को दो हजार करोड़ का घाटा क्यों करवाया गया?
आप ने नई शराब नीति को बताया अधिक पारदर्शी

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